रणजी ट्रॉफी के सेमीफइनल में कप्तान जयदेव उनादकट (56 रन पर सात विकेट) की घातक गेंदबाजी के दम पर सौराष्ट्र ने गुजरात को 92 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। अब फाइनल में सौराष्ट्र का सामना बंगाल से होगा। बंगाल ने ईडन गार्डन्स स्टेडियम में खेले गए एक दूसरे सेमीफाइनल मैच में कर्नाटक को 174 रनों से हरा कर फाइनल में प्रवेश किया। फाइनल नौ मार्च से खेला जाएगा। सौराष्ट्र ने अपनी पहली पारी में 304 रन का स्कोर बनाया और फिर गुजरात को उसकी पहली पारी में 252 रन पर ऑलआउट करके 52 रनों की बढ़त हासिल कर ली थी। सौराष्ट्र ने फिर अपनी दूसरी पारी में 274 रन का स्कोर बनाया और गुजरात के सामने जीत के लिए 327 रनों का लक्ष्य रखा। इस लक्ष्य का पीछा करने उतरी गुजरात की शुरुआत काफी खराब रही और उसने 63 रन तक अपने पांच विकेट गंवा दिए थे। लेकिन इसके बाद फिर चिराग गांधी (96) और कप्तान पार्थिव पटेल (93) ने छठे विकेट के लिए 158 रनों की साझेदारी करके गुजरात को मुश्किल से निकालने की कोशिश की।
BCCI Domestic (@BCCIdomestic) March 4, 2020
कप्तान पार्थिव टीम के 221 के स्कोर पर छठे विकेट के रूप में आउट हो गए और फिर गुजरात की टीम 72.2 ओवर में 234 रन पर सिमट गई और उसे 92 रन से हार का सामना करना पड़ा। चिराग ने 139 गेंदों पर 16 चौके जबकि कप्तान पार्थिव ने 148 गेंदों पर 13 चौके लगाए। भार्गव मेराई ने 56 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 14 रन बनाए। गुजरात के बाकी दहाई के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके, जोकि गुजरात की हार का सबसे बड़ा कारण बना। सौराष्ट्र के लिए कप्तान उनादकट के सात विकेटों के अलावा धर्मेंद्रसिंह जडेजा, चिराग जानी और प्रेरक माकंड ने एक-एक विकेट लिए।
गौरतलब है कि 28 साल के उनादकट रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में अब तक 65 विकेट हासिल कर चुके हैं, जो कि रणजी ट्रॉफी के किसी एक सीजन में किसी भी तेज गेंदबाज द्वारा लिया गया सबसे ज्यादा विकेट है। उन्होंने इसके साथ डोडा गणेश के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। पूर्व तेज गेंदबाज डोडा ने 198-99 में के रणजी ट्रॉफी सीजन में सबसे ज्यादा 62 विकेट लिए थे।
रणजी ट्रॉफी के एक सीजन में सर्वाधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड बिहार के आशुतोष अमन के नाम है। इस स्पिनर ने 2018/19 के रणजी सीजन में 68 विकेट चटकाए थे। यानी उनादकट फाइनल में 4 विकेट लेते ही रणजी ट्रॉफी के एक सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हो जाएंगे।