गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है. मुख्यमंत्री रुपाणी ने इस दौरान तीस साल पहले तक के गुजरात की तस्वीर खींचते हुए कांग्रेस पर हमला बोला. भ्रष्टाचार शिष्टाचार बन गया था, भाई-भतीजावाद सिर चढ़कर बोल रहा था, दंगा, हिंसा व कफ्र्यू, अकाल, किसानों की बदहाली गुजरात की पहचान बन गए थे.
राज्यपाल के अभिभाषण पर आखिरी दिन अपने वक्तव्य में मुख्यमंत्री रुपाणी ने कहा कि गुजरात 1960में जब महाराष्ट्र से अलग हुआ तो करीब साढ़े तीन दशक तक गुजरात में विकास की कोई दिशा भी तय नहीं थी. प्रशासन
इस दौरान उन्होने कहा कि भ्रष्टचार में लिप्त था, किसानों को उनके उत्पादन का भाव नहीं मिलता था, सरकारी सहायता बिचौलियों के चलते आम आदमी तक पहुंचती नहीं थी. शिक्षा, रोजगार व नौकरियों के सीमित साधनों के चलते युवाओं में निराशा का भाव था. जल संकट के बावजूद जल संरक्षण की कोई व्यवस्था नहीं हुई, पीने के पानी के लिए भी ट्रेन चलानी पडती थी.