नागरिकता संशोधन बिल आसानी से लोकसभा में हुआ पास

नागरिकता संशोधन विधेयक लोकसभा में आसानी से पास हो गया है और अब मोदी सरकार बुधवार को इसे राज्यसभा में पेश करेगी. नागरिकता संशोधन विधेयक के पक्ष में जेडीयू, शिवसेना, बीजेडी और पूर्वोत्तर के कुछ दलों के साथ आने की वजह से सरकार को इस बिल को पास कराने में कोई दिक्कत नहीं हुई. लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 311 वोट पड़े. जबकि, विपक्ष में 80 वोट. अब मोदी सरकार की राज्यसभा में भी राह आसान मानी जा रही है.

नागरिकता संशोधन विधेयक में बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के हिंदू, जैन, ईसाई, सिख , बौद्ध और पारसी समुदाय को भारतीय नागरिकता देने का प्रस्ताव है. इस विधेयक से मुस्लिम समुदाय को बाहर रखा गया है.

बता दें कि केंद्र सरकार को इन्हीं दलों के विरोध के कारण राज्यसभा में नागरिकता संशोधन विधेयक पर चर्चा कराने से पीछे हटना पड़ा था. कांग्रेस सहित कई विपक्षी दल नागरिकता संशोधन विधेयक को लेकर काफी आक्रामक है. लेकिन मोदी सरकार ने जेडीयू और बीजेडी को अपने साथ कर सदन के अंकगणित को अपने पक्ष में कर लिया.

हालांकि पिछले दो सालों में बीजेपी और एनडीए की ताकत राज्यसभा में बेहतर हुई है. राज्यसभा में कुल सदस्य 245 हैं, लेकिन पांच सीटें रिक्त हैं, जिसके चलते फिलहाल कुल सदस्यों की संख्या 240 है. मतलब ये कि अगर सदन के सभी सदस्य मतदान करें तो बहुमत के लिए 121 वोट की जरूरत पड़ेगी.

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