नागरिकता संशोधन बिल संविधान के खिलाफ: मनीष तिवारी

नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा के दौरान मनीष तिवारी ने कहा, नागरिकता संशोधन बिल संविधान के खिलाफ है. ये विधेयक मूलभूत आधार का उल्लंघन करता है. ये विधेयक भारत के संविधान के मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन करता है. कोई भी शरणार्थी हमसे शरण मांगता है तो ये हमारा कर्तव्य बनता है कि बिना उसका मजहब देखे, उसको शरण दें.

उन्होंने कहा, अंतर्राष्ट्रीय संधियां भी हैं जो ये कहती हैं कि कोई भी शरणार्थी अगर आपके यहां शरण मांगे तो आप इनकार नहीं कर सकते. इसके अलावा न ही ये देखा जाएगा कि उनका धर्म क्या है. मनीष तिवारी ने कहा, इस बिल में विरोधाभास है. इस बिल को फिर से देखने की जरूरत है. ये विधेयक भारत की परंपरा के खिलाफ है. भारत का मूलभूत सिद्धांत रहा है कि हम बिना मजहब देखे मानवीय आधार पर शरण दें.

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