महाराष्ट्र में शिवसेना, एनसीपी और कांग्रेस की महा विकास अघाड़ी वाली सरकार बन चुकी है। साथ ही उनके बीच मंत्रालय के बंटवारे पर सहमति भी बन गई है। कांग्रेस को राजस्व, पीडब्लूडी और आबकारी विभाग देने की बात चल रही है, जबकि एनसीपी के खाते में गृह, वित्त, पर्यावरण और वन मंत्रालय जाने की बात चल रही है मुख्यमंत्री पद के अलावा शिवसेना के बाद शहरी विकास, हाउसिंग, सिंचाई, परिवहन पर बात हो सकती है।
अभी महाराष्ट्र में शिक्षा और उद्योग से जुड़े मंत्रालयों पर सहमति नहीं बन पाई है। हालांकि, माना यह भी जा रहा है कि एक-दो दिन में एनसीपी-कांग्रेस-शिवसेना के नेता मंत्रालयों के बंटवारे पर अंतिम निर्णय ले लेंगे। फिलहाल, आज बहुमत परीक्षण होने वाला है। इसके बाद कैबिनेट का विस्तार किया जायेगा। उसके बाद ही मंत्रालयों का बंटवारा किया जायेगा।
वहीँ बहुमत परीक्षण के पहले कांग्रेस ने पेच फंसा दिया था। पेच यह था कि कांग्रेस ने ऐन मौके पर डिप्टी सीएम की मांग कर दी थी। कांग्रेस चाहती है कि राज्य में एनसीपी के अलावा उनकी पार्टी का भी डिप्टी सीएम होन चाहिए। इससे पहले कांग्रेस को स्पीकर पद दिए जाने पर सहमति बन रही थी।
महाराष्ट्र में गुरुवार से उद्धव के मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ शिवसेना-एनसीपी-कांग्रेस के दो-दो मंत्रियों ने शपथ ली थी। शिवसेना की ओर से एकनाथ शिंदे और सुभाष देसाई, एनसीपी की ओर से जयंत पाटिल और छगन भुजबल और कांग्रेस की ओर से बालासाहेब थोराट और नितिन राउत ने मंत्री पर की शपथ ली थी।