व्हाट्सएप जासूसी पर असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने व्हाट्सएप की प्राइवेसी में सेंध पर बड़ा निशाना लगाते हुए केंद्र सरकार पर बड़ा निशाना साधा है. ओवैसी ने कहा कि नागरिकों की प्राइवेसी की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है.

असदुद्दीन ओवैसी ने ट्वीट कर कहा कि कहा कि इजराइल के सिक्योरिटी फर्म्स पर सरकार की कड़ी निगरानी रहती है. ऐसे बोर्ड्स और फर्म्स में सरकार के प्रतिनिधि बैठते हैं. प्रधानमंत्री कार्यकालय और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच प्यार एक तरफा लग रहा है. इजराइली सरकार हमारी मदद करने नहीं जा रही है.

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री रविशंकर प्रसाद को टैग करते हुए एक अन्य ट्वीट में ओवैसी ने कहा कि आपने कहा था कि आप एक संवेदनशील व्यक्ति हैं. आप आर्थिक मंदी और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन के बयान को वापस ले चुके हैं. इसलिए पूरी सवेंदनशीलता के साथ मैं आपसे सवाल करना चाहता हूं कि क्या हो रहा है. इस पूरे मामले में सरकार की जानकारी और शामिल होने की हद क्या है?एक अन्य ट्वीट में ओवैसी ने कहा, जेंटल रिमाइंडर, गोपनीयता एक मूलभूत अधिकार है. यह आपकी जिम्मेदारी है इसे प्रोटेक्ट करें, गोपनीयता के अधिकार का उल्लंघन न होने पाए.

इजरायली कंपनी के द्वारा Pegasus नाम के स्पाईवेयर का जिक्र करते हुए ओवैसी ने रविशंकर प्रसाद से कहा कि यह सही है कि 5सर्विस प्रोवाइडर Pegasus द्वारा खरीदे गए. क्या आप व्हाट्सएप पर पूरे मामेल की जांच के लिए एफआईआर दर्ज करेंगे? क्या आप सर्विस प्रोवाइडर्स के नाम का खुलासा करेंगे, जिसके बाद एफआईआर दर्ज हो सके.

व्हाट्सएप्प ने क्या कहा?

जासूसी मामले पर सरकार के निशाने पर आने के बाद व्हाट्सएप की ओर से बयान जारी किया गया है. व्हाट्सएप के प्रवक्ता ने कहा कि यूजर्स की निजता और सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है. मई माह में हमने सुरक्षा से जुड़ा मामला जल्द सुलझा लिया था और इसे लेकर भारत सरकार के अधिकारियों को सूचित किया था. प्रवक्ता ने कहा कि हम निजता की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार की चिंता से सहमत हैं. इसलिए कंपनी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए कठोर कदम उठाए हैं. हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि किसी भी यूजर्स के डेटा के साथ किसी तरह का खिलवाड़ ना हो. व्हाट्सएप यूजर्स के मैसेज की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.

क्या है मामला?

भारत सरकार को जासूसी मामले में व्हाट्सएप पर साजिश कराने का शक है. सूत्र के मुताबिक, टेलीकॉम मंत्रालय लगातार व्हाट्सएप से मैसेज के सोर्स सुरक्षा एजेंसियों को डिस्क्लोज करने की मांग कर रहा है , लेकिन हर बार प्राइवेसी का हवाला देकर व्हाट्सअप ने सरकार की बात नहीं मानी. इसके अलावा यूएस, यूके और ऑस्ट्रेलिया भी भारत की मांग के बाद व्हाट्सएप पर दबाव बना रहे हैं.

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