कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्त मंत्री पी० चिदंबरम की जमानत अर्जी एक बार फिर से खारिज हो गई। सोमवार को दिल्ली हाईकोर्ट से चिदंबरम को फिर एक बार झटका लगा। आय से अधिक संपत्ति व आईएनएक्स मीडिया केस में चिदंबरम को हाईकोर्ट से जमानत नहीं मिली।
देश की राजधानी दिल्ली में स्थित तिहाड़ जेल में पांच सितंबर से बंद चिदंबरम तीन अक्टूबर तक हिरासत में हैं। 20 अगस्त को दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद ही 21 अगस्त को सीबीआई ने चिदंबरम को उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया था।
न्यायधीश सुरेश कैत ने चिदंबरम को जमानत देने से इनकार करते हुए कहा कि साक्ष्यों से छेड़छाड़ होने की कोई गुंजाइश नहीं है लेकिन इस आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता कि चिदंबरम गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने वित्त मंत्री के रूप में चिदंबरम के कार्यकाल के दौरान 2007 में 305 करोड़ रुपये के विदेशी धन प्राप्त करने के लिए आईएनएक्स मीडिया समूह को दी गई मंजूरी में अनियमितता का आरोप लगाते हुए 15 मई, 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी।
इसके बाद, ईडी ने 2017 में इस संबंध में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया। इससे पहले, चिदंबरम को जमानत देने का विरोध करते हुए, सीबीआई ने कहा था कि यह आर्थिक अपराधों का सबसे गंभीर मामला है और वित्तीय गबन का परिमाण और सार्वजनिक कार्यालय का दुरुपयोग उसे किसी भी राहत के लिए मना करता है।