सोमवार को कारोबार भारी गिरावट के साथ बंद हुआ. कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स 261 अंक फिसल कर 37,123.31 पर बंद हुआ. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 72 अंकों की कमी के साथ 11,003.50 पर बंद हुआ.
लंदन का ब्रेंट क्रूड फ्यूचर 19.5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 71.95 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया. यह 14 जून 1991 के बाद कच्चे तेल के भाव में सबसे बड़ा उछाल है. हालांकि, इस कमजोरी के बाद भी निफ्टी 11,000 के स्तर पर बना रहा. कारोबार के तहत 1360 शेयरों में मजबूती आई, जबकि 1137 शेयरों में कमजोरी दर्ज की गई.
सबसे ज्यादा घाटा बैंक, ऑटो, तेल एवं गैस, एनर्जी सेक्टर को हुआ, जबकि एफएमसीजी और फार्मा में खरीदारी नज़र आयी. सऊदी अरब में हमले के कारण सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को सोने ने तेज़ी का रुख पकड़ लिया, क्योंकि निवेशक इसे सुरक्षित निवेश समझकर इसमें निवेश करने लगे. अब निवेशकों को इस महीने कई प्रमुख बैंकों द्वारा ब्याज दरों में होने वाली कमी का इंतजार है.
BSE का सेंसेक्स सोमवार को 176 अंक की कमजोरी के साथ खुला और थोड़ी ही समय में इसके गिरावट का स्तर 200 अंकों को पार कर गया. NSE का निफ्टी भी 60.90 अंकों की कमजोरी के साथ खुला और लगभग 11,000 पर कारोबार करता नज़र आया. लेकिन दोपहर तक गिरावट बढ़ती गई. दोपहर में सेंसेक्स में लगभग 300 अंक गवा दिए थे.