गृह मंत्रालय ने शनिवार को एनआरसी की अंतिम सूची जारी कर दी है. इसमें 19 लाख से ज्यादा लोगों के नाम शामिल नहीं हैं. एनआरसी सूची को लेकर राजनीतिक दलों ने भी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है. एनआरसी को लेकर एआईएमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, भाजपा को इससे सबक लेना चाहिए. उन्हें हिंदुओं और मुसलमानों के संदर्भ में पूरे देश में एनआरसी लागू करने के बारे में पूछना बंद कर देना चाहिए. असम में जो हुआ उससे उन्हें सबक सीखना चाहिए. अवैध प्रवासियों के तथाकथित मिथक का भंडाफोड़ हुआ है.
ANI (@ANI) August 31, 2019
ओवेसी ने कहा, मुझे शक है कि नागरिक संशोधन विधेयक के माध्यम से भाजपा एक विधेयक ला सकती है जिसमें वे सभी गैर-मुस्लिमों को नागरिकता देने की कोशिश कर सकते हैं. जोकि फिर से समानता के अधिकार का उल्लंघन होगा,हैदराबाद से सांसद ने कहा, असम के बहुत से लोगों ने मुझे बताया है कि उनके नाम सूची में शामिल हैं लेकिन उनके बच्चों ने नाम सूची से बाहर हैं. उदाहरण के तौर पर मोहम्मद सनाउल्लाह को लीजिए उन्होंने सेना में सेवा दी. उनका मामला उच्च न्यायालय में लंबित है. मुझे पूरा विश्वास है कि उन्हें न्याय मिलेगा.