लोकसभा में दिल्ली के सभी सात सीटों पर करारी हार के बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविन्द केजरीवाल ने अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए नया राजनितिक एजेंडा सामने लाया है. अपने डूबती हुई नाव को बचाने के लिए अरविन्द केजरीवाल ने हाथ पैर मारने तेज़ कर दिए हैं.
दिल्ली विधानसभा चुनाव् में जीत हासिल करने के लिए अरविन्द केजरीवाल ने मास्टरस्ट्रोक खेला है. पिछले चुनाव हाफ का सत्ता में आने वाले केजरीवाल ने इस बार पूरा माफ का नारा दिया है.
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 200 यूनिट तक बिजली खर्च करने पर किसी तरह का कोई बिल नहीं देना होगा. इसके अलावा सरकार ने देश में सबसे सस्ती बिजली देने का ऐलान किया है.
केजरीवाल ने कहा कि 200 यूनिट की खपत तक बिजली बिल माफ है. 200 से 400 बिजली यूनिट तक खर्च करने पर सरकार 50 फीसदी सब्सिडी देगी. उन्होंने आगे कहा कि कोई भी ऐसा राज्य नहीं है, जब बिजली बिल के दाम नहीं बढ़े हों, लेकिन दिल्ली में बिजली के बिल नहीं बढ़े हैं. यह चमत्कार से कम नहीं है. आज बिजली कंपनियों के पास कैश है, उनके घाटे कम हो रहे हैं.
आपको बता दें कि दिल्ली की सियासत में जगह बनाने के लिए पिछले चुनाव में पानी माफ-बिजली हाफ का नारा दिया था. दिल्ली की जनता बिजली कटौती की किल्लत और बिजली के बिलों से परेशान थी. ऐसे में केजरीवाल के वादे पर दिल्ली की जनता ने भरोसा जताया और 70 विधानसभा सीटों में से 67 सीटें जीती थी. केजरीवाल ने मुख्यमंत्री बनते ही दिल्ली के हर परिवार को 700 लीटर रोजाना पानी मुफ्त देने का चुनावी वादा पूरा किया था