उत्तराखंड में अब दो संतान वाले लोग ही पंचायत चुनाव लड़ पाएंगे. इसके साथ ही हरियाणा की तर्ज पर शैक्षणिक योग्यता भी निर्धारित किया गया है. राज्य सरकार विधानसभा के चालू सत्र में पंचायती राज एक्ट में संशोधन के लिए ध्वनि मत से विधेयक पारित कर दिया. विधेयक पर राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही आगामी चुनाव इसी आधार पर होंगे.
पंचायती राज संशोधन बिल के अनुसारउत्तराखंड में पचायत चुनाव लड़ने के लिए सामान्य जाति के उम्मीदवारों को दसवीं कक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक होगा. जबकि महिलाओं और अनुसूचित जाति और जनजाति के पुरुषों के लिए यह योग्यता आठवीं कक्षा पास होना होगा.अनुसूचित जाति और जनजाति की महिलाओं के लिये पंचायत चुनाव लड़ने हेतु पाचवीं कक्षा उत्तीर्ण होना जरूरी होगा.विधेयक के अनुसार कोई भी पिरतिनिधि एक साथ दो पद नहां धारण कर सकेगा.
उत्तराखंड में सितंबर में चुनाव होने वाले है. पंचायती पाज संशोधन विधेयक के कानुन बनने के बहुत लोग चुनाव नही लड़ सकेंगे. इनके साथ ही पंचायत प्रमुख पदों पर आरक्षण का प्रावधान भी रखा गया है. इनमें ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष पदों पर आरक्षण का प्रावधान रहेगा.