रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर ने नीति आयोग को राशि आवंटित करने की शक्ति देने की वकालत की

रिजर्व बैंक के पूर्व डिप्टी गवर्नर राकेश मोहन ने नीति आयोग की संरचना तथा कार्यप्रणाली पर पुनर्विचार करने तथा इसे राशि का आवंटन करने की शक्ति देने का पक्ष लिया है. नरेंद्र मोदी सरकार ने एक जनवरी 2015 को योजना आयोग को समाप्त कर उसकी जगह नीति आयोग की स्थापना की थी. पूर्ववर्ती योजना आयोग के पास राशि आवंटित करने की शक्ति थी.

ब्रूकिंग्स इंडिया द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में मोहन ने कहा, नीति आयोग को निश्चित तौर पर तकनीकी मजबूत तथा पुनर्गठित होना चाहिये ताकि यह आपस में जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्रों के निवेश एवं प्रबंधन के लिये दीर्घकालिक एकीकृत कार्यक्रम विकसित कर सके. उन्होंने कहा कि आयोग की केंद्रीय तथा राज्यों के स्तर पर मंत्रालयों के बीच सार्वजनिक निवेश कार्यक्रमों के बीच समन्वय करने की क्षमता को निश्चित पुनर्स्थापित किया जाना चाहिये.

हालांकि यह नयी सहकारी संघवाद के दायरे में किया जाना चाहिये. मोहन ने कहा कि यदि नीति आयोग को योजना आयोग की तरह राशि का आवंटन करने की शक्ति दी जाएगी, सिर्फ तभी इसकी कार्यप्रणाली प्रभावी हो सकेगी.

भाषा

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