पवनपुत्र भगवान हनुमान का जन्मोत्सव 19 अप्रैल, चैत्र माह की पूर्णिमा की तिथि पर मनाई जाएगी. इस दिन हनुमान जी की पूजा अर्चना करने से सभी कस्ट मिट जाती है. राम भक्त हनुमान भगवान शिव के 11वें रुद्रावतार की विधिवत उपासना करने से सभी तरह की बाधाओं का नाश होता है.
कलयुग में इन सात चिरंजीवियों में हनुमान जी की साधना सबसे अधिक की जाती है. देश का शायद ही ऐसा कोई कोना हो जहां पर श्री हनुमान जी की पूजा न की जाती हो. सभी देवतओं में श्री हनुमान जी जल्दी प्रसन्न होने वाले देवता जो हैं. जिनका महज नाम लेते बड़े से बड़े संकट टल जाते हैं, बड़ी से बड़ी परेशानियां दूर हो जाती हैं.
अगर आपके काम में लगातार बाधाएं आ रही हैं और तमाम कोशिशों के बावजूद काम नहीं बन रहा है, तो हनुमान जयंती के दिन श्री बजरंगबली को इत्र और गुलाब की माला चढ़ाएं. हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर बेहद प्रिय है, इसलिए हनुमान जयंती के दिन पवनसुत हनुमान जी को चमेली का तेल और सिंदूर चढ़ाना कभी न भूलें.