पुलवामा हमले के बाद हर तरफ से घिरे पाकिस्तान को एक और झटका लगा है. पेरिस में हुई फाइनेंशियल ऐक्शन टास्क फोर्स (FATF) की बैठक में फैसला लिया गया है कि पाकिस्तान अभी ग्रे लिस्ट में ही बरकरार रहेगा. यानी हाफिज सईद के जमात-उद-दावा पर बैन लगाकर पाकिस्तान जो ग्रे लिस्ट से बाहर आने की कोशिश कर रहा था उसमें वह नाकामयाब रहा है.
यह राहत हमेशा के लिए नहीं है. जून और अक्टूबर में एक बार फिर पाकिस्तान के रेटिंग का रिव्यु किया जायेगा. पाकिस्तान को FATF की तरफ से वह आतंकवाद के खिलाफ ऐक्शन लेने की टाइमलाइन को ना चूके, वरना उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं. हालांकि, भारत की चाह थी कि पाकिस्तान ब्लैक लिस्ट में शामिल हो जाए लेकिन ऐसा नहीं हो सका.
गौरतलब है कि संस्था पर दी जाने वाली रेटिंग का असर वर्ल्ड बैंक, IMF समेत कई अन्य संस्थाओं पर बढ़ता है जिसकी वजह से कर्ज लेने में मुश्किलें होती है.
आपको बता दें कि कल हुई बैठक में पाकिस्तान ने कुछ आतंकी संगठनों पर बैन लगाया था. जिसमें मोस्ट वांटेड आतंकी हाफिज सईद का जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इनसानियत फाउंडेशन समेत कई संगठन शामिल हैं. लेकिन यह सब पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने में मदद नहीं कर सका.