राज्यसभा में PM Modi ने पढ़ी नेहरू की चिट्ठी, ‘मैं किसी भी आरक्षण को पसंद नहीं करता’

PM Modi Speech In RajyaSabha: बुधवार को देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी भुर्मू के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब दिय़ा। इस दौरान पीएम ने विपक्षी दल कांग्रेस को जमकर निशाने पर लिया। पूर्व पीएम स्वर्गीय पंडित जवाहरलाल नेहरू का जिक्र करते हुए कहा कि पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस हमेशा एससी/एसटी और ओबीसी के आरक्षण के खिलाफ रही है।

राज्यसभा को संबोधित करते हुए कहा पीएम ने कहा कि एक बार नेहरू जी ने एक चिट्ठी लिखी थी और यह उस समय देश के मुख्यमंत्रियों को लिखी गई चिट्ठी है। मैं इसका अनुवाद पढ़ रहा हूं। पीएम इसी चिट्ठी का अनुवाद पढ़ते हुए कहते हैं, ‘मैं किसी भी आरक्षण को पसंद नहीं करता और खासकर नौकरी में आरक्षण तो कतई नहीं।

मैं ऐसे किसी भी कदम के खिलाफ हूं, जो अकुशलता को बढ़ावा दें और दोयम दर्जे की तरफ ले जाए। यह पंडित नेहरू की मुख्यमंत्रियों को लिखी चिट्ठी है। पीएम मोदी ने कहा कि इसलिए मैं कहता हूं कि ये जन्मजात आरक्षण के विरोधी हैं।

Read Also: Delhi: राज्यसभा में पीएम मोदी का संबोधन, बोले- ‘कांग्रेस के अपने नेता की गारंटी नहीं…मोदी की गारंटी पर उठाए जा रहे सवाल’  

पूर्व पीएम नेहरू कहते थे कि अगर एससी-एसटी-ओबीसी को नौकरियों में आरक्षण मिला तो सरकारी कामकाज का स्तर गिर जाएगा। आज ये लोग जो आंकड़ें गिनाते हैं ना, उसका मूल यहां हैं। उस समय इन लोगों ने इसे रोक दिया था। अगर उस समय सरकार में भर्ती हुई होती और वो प्रमोशन करते-करते आगे बढ़ते तो आज यहां पर पहुंचते।

बता दें कि, यहां पीएम मोदी ने 27 जून 1961 को नेहरू द्वारा देश के मुख्यमंत्रियों को लिखी चिट्ठी का जिक्र किया था। इस चिट्ठी में नेहरू ने पिछड़े समूहों को जाति के आधार पर नौकरियों में आरक्षण की पैरवी ना कर उन्हें अच्छी शिक्षा देकर सशक्त करने पर जोर दिया था।

Read Also: ICC Test Ranking: भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक दिन, यह चैंपियन खिलाड़ी बन गया नंबर वन तेज गेंदबाज

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *