पटना : लोकसभा चुनाव में बिहार महागठबंधन के अंदर सीटों के बंटवारे को लेकर अब भी उठा-पटक बरकरार है। बिहार महागठबंधन में शामिल दलों में कौन कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगा यह फिलहाल साफ नहीं हो पाया है। यही कारण है की सीट शेयरिंग को लेकर हो रही देरी से महागठबंधन की पार्टियों की बेचैनी बढ़ती ही जा रही है। इस बैचेनी को देखते हुए महागठबंधन की दोनों बड़ी पार्टियां कांग्रेस और आरजेडी जल्द से जल्द सीटों का बंटवारा कर लेना चाहती है। ताकि चुनाव में आगे की रणनीति तय की जा सके। सीटों के बंटवारे को लेकर बुधवार को दिल्ली में मैराथन बैठक होनी है। महागठबंधन के नेताओं की माने तो कल की बैठक के बाद सीटों के बंटवारे का ऐलान हो जाएगा। इस बैठक में बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा, सदानंद सिंह, तेजस्वी यादव, जीतन राम मांझी, उपेन्द्र कुशवाहा, मुकेश सहनी तथा अन्य वरिष्ठ नेता भी दिल्ली में मौजूद रहेंगे।
Meeting of Bihar #Mahagathbandhan leaders will be held tomorrow in Delhi over seat sharing in 40 Lok Sabha seats of Bihar.
ANI (@ANI) March 12, 2019
इसी बीच बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता सदानंद सिंह ने कहा है कि, कांग्रेस की वर्तमान में स्थिति काफी बदल गई है। आज भाजपा के सामने मजबूत विपक्ष के रुप में सिर्फ कांग्रेस ही खड़ा है। बिहार समेत पूरे देश में कांग्रेस के प्रति जनता का रुझान बढ़ा है। आज देश के तीन राज्यों में कांग्रेस की सरकार बनी है। पूरे देश की जनता अब कांग्रेस की सरकार चाह रही है। वहीं बिहार में वे कितने सीट पर चुनाव लड़ेंगे के सवाल पर उन्होंने कहा कि, बिहार में अब कांग्रेस की स्थिति पहले वाली नहीं है। पिछले दिनों कांग्रेस की रैली को जिस तरह जनता का समर्थन मिला उससे साफ हो गया कि बिहार की जनता अब कांग्रेस को देखना चाहती है। सदानंद सिंह ने कहा कि जहां तक सीटों का सवाल है तो यह केन्द्रीय नेतृत्व को तय करना है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि हमनें आलाकमान से बार-बार यही कहा है कि बिहार में हमारी स्थिति अब काफी मजबूत हो गई है। हमें बिहार में सम्मानजनक सीट मिलनी चाहिए और हमें पूरी उम्मीद है कि इसबार बिहार में कांग्रेस को सम्मानजनक सीटे मिलेगी।
वहीं राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी ने भी कांग्रेस के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है। मंगलवार को शिवानंद तिवारी ने कांग्रेस की नियत पर ही सवाल खड़ा कर दिया। शिवानंद तिवारी ने एक बयान में कहा है कि, राजद का बिहार में सबसे बड़ा जनाधार है और राजद किसी की मोहताज नहीं है।
यही नहीं शिवानंद तिवारी ने कहा है कि, राहुल गांधी को यह तह करना होगा कि उन्हें किसके खिलाफ चुनाव लड़ना है। कांग्रेस बीजेपी के खिलाफ लड़ना चाहती है या फिर बीजेपी से लड़ने वालों के खिलाफ़।
सीट बंटवारे में देरी और सीटों की डिमांड को लेकर पूर्व सीएम जीतन राम मांझी की बेचैनी अधिक बड़ी है। मांझी पहले भी अपनी हैसियत दिखाने के लिए मुखर होकर बयान दे चुके हैं। बिहार में अपनी हैसियत बताने के लिए मांझी यह भी कह चुके हैं कि बीजेपी से भी उनको ऑफर आ रहा है, अगर रालोसपा के बराबर सीटें नहीं मिली तो वो बड़ा ऐलान कर सकते हैं। मांझी के साथ-साथ सीट बंटवारे मे देरी को लेकर सपा और वामदल पहले ही कांग्रेस और राजद को अल्टीमेटम दे चुके हैं। इन दोनों पार्टियों ने यह साफ कहा है कि, सीट बंटवारे में हो रही देरी का ख़ामियाज़ा आगामी लोकसभा चुनाव में भुगतना पड़ सकता है।
सूत्रों की माने तो महागठबंधन ने सीट बंटवारे को लेकर सहमति बन गयी है। ख़बर के मुताबिक कांग्रेस बिहार में 11 सीटों पर चुनाव लड़ सकती है। हालांकि कांग्रेस के अलावा राजद और महागठबंधन के अन्य दल कितनी और किस सीट से चुनाव लड़ेंगे उसका अभी खुलासा नहीं हुआ है।