यूपी में लोकसभा चुनाव 2019 के लिए सपा और बसपा गठबंधन और सीटों को लेकर तस्वीर साफ हो चुकी है. सपा 80 लोकसभा सीटों में से 37 सीटों पर तो वहीं बसपा 38 सीटों पर लड़ेगी. देखा जाए तो गठबंधन और सीटों के बंटवारे तक की पूरी प्रक्रिया में बसपा सुप्रीमो मायावती ने अहम् भूमिका निभाई.
सीटों के बंटवारे की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बसपा ने दी
मायावती की सपा के किसी बड़े नेता के साथ 23 साल बाद मुलाकात हुई है. जनवरी 2019 में गठबंधन को लेकर हुई प्रेस कांफ्रेंस में भी मायावती ही मुखिया के तौर पर दिखाई दी. सीटों के बंटवारे की जानकारी प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से बसपा ने दी. यहां तक कि सपा के कार्यकर्ताओं और मीडिया सेल के कर्मियों तक को इसकी जानकारी काफी बाद में हुई.
बसपा ने अपनी परंपरागत सीटें अपने पास रखीं
बसपा का आधार वोटबैंक दलित को कहा जाता है. यूपी लोकसभा में आरक्षित वर्ग की कुल 17 सीटें हैं. इन सीटों पर दो चुनावों की बात करें तो साल 2009 में सपा ने 10 और बसपा ने दो सीटें जीती. लोकसभा चुनाव में ये तस्वीर बिल्कुल उलटी थी. बसपा 11 स्थानों पर दूसरे नंबर पर थी और सपा पांच स्थानों पर. अब गठबंधन में बसपा ने अपने पास 11 सीटें रखी हैं और सपा को छह सीटें दी हैं. इसके अलावा बसपा ने अपनी परंपरागत सीटें अपने पास ही रखी हैं.