नई दल्ली: संसद के विशेष सत्र के चौथे दिन राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पेश किया गया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में पारित होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पेश किया। बिल पेश करने के बाद मेघवाल ने कहा कि सदन में एक तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित करना बहुत बड़ा कदम है। बता दें कि इस बिल को नारी शक्ति वंदन अधिनियम नाम दिया गया है।
दरअसल, यह बिल लोकसभा में कल यानी गुरुवार (20 सितंबर) को ही लोकसभा में पेश कर दिया गया था। वहीं आज इसे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल द्वारा राज्यसभा में पेश किया गया। कार्यवाही शुरू होते ही लोकसभा में सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला आरक्षण बिल के पक्ष में वोट करने वाले सभी सांसदों को धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि मैं आज आपके माध्यम से इस बहुत महत्वपूर्ण निर्णय में विश्वास पैदा करने के लिए धन्यवाद करता हूं। देश को नई ऊंचाइयों में ले जाने वाली शक्ति के रूप में उभरेगा। पीएम मोदी ने कहा कि इस पवित्र काम को करने के लिए आप सब ने सार्थक योगदान दिया है। आदरपूर्वक अभिनंदन करने के लिए खड़ा हुआ हूं।
वहीं, भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे पी नड्डा ने कहा अध्यात्म से अध्यापन तक नारी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। भारतीय संस्कृति में नारी को देवी का स्थान दिया गया। हमारी संस्कृति में नारी को महत्व दिया गया- सीताराम, राधेश्याम। वैदिक काल से लेकर रानी जीजा बाई, अहिल्याबाई होल्कर समेत तमाम महिलाओं की चर्चा की जिन्होंने शासन-सत्ता की बागडोर संभाली। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी महिलाओं की शताब्दी है। हर क्षेत्र में भारत की महिलाएं अपने आपको लीडिंग रोल में लेकर आई हैं।
हालांकि विपक्ष ने इसे चुनावी जुमला करार दिया है। महिला आरक्षण बिल पर चर्चा में भाग लेते हुए तृणमूल कांग्रेस की सांसद डोला सेन ने कहा कि यह बिल चुनावी जुमला है मगर उनकी पार्टी इसका समर्थन कर रही है। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि, पीएम कभी-कभी ही संसद आते हैं, दो-चार बार ही बोले हैं और हमारी तो सुनते ही नहीं। टीएमसी सांसद के अलावा अन्य कई विपक्षी नेताओं ने इस बिल को चुनावी जुमला बताया है।