नूंह हिंसा (Haryana Nuh violence): मनोहर सरकार का फैसला, नूंह में बनेगा रैपिड एक्शन फोर्स का केंद्र

चंडीगढ़ः नूंह में हुई सांप्रदायिक हिंसा के बाद हरियाणा सरकार ने दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। हरियाणा के गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने कहा है कि नूंह में साइबर थाना पर किया गया हमला देश एवं प्रदेश की सुरक्षा पर बड़ा हमला हो सकता है, इसकी गहन जांच की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा है कि नूंह में स्थायी तौर पर रैपिड एक्शन फोर्स का एक केंद्र बनाया जाएगा।

टीवीएसएन प्रसाद ने साइबर थाना पर हुए हमले के बारे में आशंका जाहिर करते हुए कहा कि भारत आज सबसे तेज गति से विकसित होने वाले देशों की अग्रिम पंक्ति में है और दुनिया की तीसरी आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। ऐसे में साइबर थाने पर हुए हमले के पीछे असामाजिक तत्वों की साजिश से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में संगठित साइबर अपराध बढ़ रहे हैं और हरियाणा सरकार भी इसे रोकने की दिशा में तेजी से काम रही है। इसलिए देश की दिल्ली के नजदीक इस साइबर थाना पर हमला किया जाना गहन जांच का विषय है।

नूंह के बाद सबसे ज्यादा एफआईआर गुरुग्राम में

शुक्रवार को पत्रकार वार्ता के दौरान नूंह मामले में मीडिया से सहयोग की अपील करते हुए प्रसाद ने कहा कि समाज में शांति बहाली के लिए मीडिया भी सकारात्मक भूमिका निभाए। उन्होंने कहा कि नूंह में धार्मिक यात्रा पर हुए हमले के बाद जो हालात बने हैं, उसमें अभी तक कुल 93 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 176 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें नूंह में 46, फरीदाबाद में 3, गुरुग्राम में 23, रेवाड़ी में 3 और पलवल जिले में 18 एफआईआर दर्ज की गई हैं।

डीजीपी खुद कर रहे नूंह एवं प्रभावित क्षेत्रों की मॉनिटरिंग

प्रसाद ने बताया कि फिलहाल नूंह एवं आस-पास के जिलों में स्थिति पूर्ण रूप से नियंत्रण में है। नूंह क्षेत्र में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। फिलहाल शनिवार तक इंटरनेट सेवा को बंद किया गया है। इसके बाद हालात की समीक्षा करके आगे की रणनीति तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि समाज के प्रबुद्ध लोगों से भी आह्वान किया गया है कि किसी प्रकार की धमकी देने वालों के बारे में और अशांति फैलाने की साजिश रचने का शक होने पर पुलिस के 112 नंबर पर तुरंत कॉल करें। पुलिस तुरंत कार्रवाई करेगी। उन्होंने बताया कि हरियाणा के डीजीपी स्वयं नूंह एवं प्रभावित क्षेत्रों में जाकर स्थिति की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

सोशल मीडिया के जरिए उकसाने वाले मैसेज भेजने वालों को किया आगाह

प्रसाद ने सोशल मीडिया के जरिए उकसाने वाले मैसेज भेजने वालों को आगाह करते हुए कहा कि समाज में शांति को भंग करने की किसी को इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसे मैसेज फैलाने वालों पर सरकार की पूरी नजर है। उन्होंने कहा कि अगर कोई इस मामले में दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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