Loksabha Election 2024: पसमांदा मुसलमान बने बीजेपी की पहली पसंद, तारिक मंसूर के सहारे बिछाई चुनावी चौसर

नितिन उपाध्याय

Loksabha Election 2024 Tariq Mansoor: अगले साल होने वाले आम चुनाव को लेकर बीजेपी ने अपने तरकश से सियासी तीर चलाने शुरू कर दिए हैं। बीजेपी ने एक तीर से कई निशाने साधने की कोशिश की है। चुनाव में पसमांदा मुसलमान कितना जरूरी है इसका इस बात से ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि तारिक मंसूर को केन्द्रीय नेतृत्व में बीजेपी ने राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है। कहा जा रहा है कि बीजेपी एक तीर से कई शिकार कर रही है और यह समान नागरिक संहिता का तोड़ है।

कौन है पसमांदा मुसलमान?

पहले जानते हैं कि आखिर पसमांदा मुसलमान कौन है। जिनको बीजेपी ने रणनीति बदलते हुए लुभाने की कोशिश की है। पसमांदा मुस्लिम- दलित और बैकवर्ड मुस्लिम माने जाते हैं। पसमांदा समुदाय काफी समय से सरकारी नौकरियों में कोटा मांगता रहा है। कई राज्य सरकारों ने पसमांदा यानी गरीब मुसलमानों को कोटा भी दिया है। कुल वोट में मुस्लिम 15 फीसदी माना जाता है। अगर 10वां हिस्सा भी बीजेपी को वोट देता है तो यह कुल वोट का 1.5 प्रतिशत होगा।

पसमांदा मुस्लिमों को मिलेंगे टिकट

पार्टी के कई उम्मीदवार कुछ चुनाव 1 प्रतिशत से भी कम अंतर से हार जाते हैं। ऐसे में यह रणनीति बीजेपी के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है। समझा जा रहा है कि 2024 के आम चुनाव में बीजेपी ज्यादा पसमांदा मुस्लिमों को टिकट दे सकती है, लेकिन उससे पहले समान नागरिक संहिता को लेकर मुस्लिम समाज में कई भ्रम पल रहे हैं, जिन्हें दूर करने की कोशिश की जाएगी।

बीजेपी का मानना है इस भ्रम को समय रहते दूर करना ज़रूरी है, ऐसे में अल्पसंख्यक मोर्चा इसमें बड़ी भूमिका निभा सकता है। जिसको देखते हुए बीजेपी ने तारिक मंसूर को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया है इससे बीजेपी को चुनाव में पसमांदा मुसलमानों का वोट मिल जाएगा और यूसीसी को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर किया जाएगा। जिसे देखते हुए बीजेपी ने आने वाले चुनावों के लिए यह चुनावी चौसर को बिछाया है। तारिक मंसूर को केन्द्रीय नेतृत्व में जगह दी है।

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