Cricket: विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का दूसरा फाइनल हारने के बाद भारतीय टीम अब तक आलोचना का सामना कर रही है। दिग्गज क्रिकेटरों ने भारतीय टीम को अच्छा खेल का जज्बा दिखाने की नसीहत दी है। अब पूर्व क्रिकेटर दिलीप वेंगसरकर ने बीसीसीआई और चयन समिति को जमकर लताड़ लगाई। वेंगसरकर का कहना है कि सेलेक्टर्स ने भविष्य के लिए कप्तान तैयार नहीं किया।
सही समय पर लिए गलत फैसले
उन्होंने कहा कि जिस समय पर युवा कप्तान के हाथों में टीम की कमान सौंपी जानी चाहिए थी, उस समय शिखर धवन को कप्तान बनाया गया। पूर्व क्रिकेटर ने हिन्दुस्तान टाइम्स के साथ बातचीत करते हुए कहा किदुर्भाग्यपूर्ण बात यह है कि बीते 6 से 7 सालों में सेलेक्टर्स के पास गेम के प्रति गहरा ज्ञान दिखाई नहीं देता। टीम का खराब चयन किया जा रहा है जिसके परिणाम सुखांतिका के रूप में नहीं दिखता।
तैयार नहीं टेस्ट कप्तान- वेंगसरकर
टीम की चयन समिति ने जब मुख्य खिलाड़ी बिजी शेड्यूल के चलते उपलब्ध नहीं थे, तो उन्होंने कप्तानी की जिम्मेदारी शिखर धवन के हाथों में सौंप दी। यह वो समय था जब आप भविष्य के लिए कप्तान तैयार कर सकते थे। लेकिन ऐसा नहीं हो पाया और एक कप्तान तैयार नहीं है। ऐसे में टेस्ट टीम को अनुभवी और प्रतिभाशाली कप्तान चाहिए।
बोर्ड आईपीएल आयोजन में व्यस्त
बीसीसीआई को लताड़ लगाते हुए पूर्व क्रिकेटर ने कहा कि आप दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट बोर्ड की बात करते हो, आपके पास क्या बेंच स्ट्रेंथ है। युवा खिलाड़ियों की फौज कहां तैयार है। बोर्ड सिर्फ आईपीएल का आयोजन करने में व्यस्त है। इसके अलावा मीडिया राइट्स के जरिए करोड़ों रुपए कमा रहा है। लेकिन भविष्य में टीम के लिए नहीं सोचा जा रहा है।
बताया जा रहा है कि वेस्टइंडीज दौरे के बाद बोर्ड टेस्ट कप्तान के बारे में सोच रहा है। ऐसे में भारतीय टीम में कोई अनुभवी खिलाड़ी दिखाई नहीं देता। दिग्गज गेंदबाज अश्विन टीम में मौजूद हैं लेकिन अब उनका करियर भी ज्यादा लंबा नहीं बचा है। ऐसे में बोर्ड आखिर किस नाम पर मुहर लगाएगा। कुछ कहा नहीं जा सकता।