बालासोर: बालासोर में हुए रेल हादसे में मरने वालों की संख्या लगभग 280 हो चुकी है। इस मामले में रेलवे ने इस हादसे का कारण भी कुछ हद तक बताया है। अब कहना मुश्किल है कि रेल हादसा है या कोई बड़ी साजिश।
यह बोले रेलवे बोर्ड के मेंबर
रेलवे बोर्ड के मेंबर्स ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया, 1257 यात्री रिजर्व कोरोमंडल एक्सप्रेस में बैठे थे जबकि 1039 रिजर्व पेसेंजर यशवंत एक्सप्रेस में थे। अपलाइन में कोरोमंडल एक्सप्रेस फ़ुल स्पीड से आ रही थी और स्टेशन पर रुकना नहीं था। जबकि डाउनलाइन में यशवंत एक्सप्रेस आ रही यशवंतपुर से हावड़ा की ओर जा रही थी।
कॉमन लूप में मालगाड़ी थी खड़ी
कॉमन लूप में मालगाड़ी खड़ी थी। ग्रीन सिग्नल कोरोमंडल एक्सप्रेस को मिली थी। कोरोमंडल एक्सप्रेस पटरी से उतरी गई और कुछ डिब्बे मालगाड़ी से टकरा गए। कुछ डब्बे यशवंतपुर एक्सप्रेस से टकराए जिसके बाद हादसा हुआ। हादसे की वजह कोरोमंडल का डीरेल होना है जिसकी वजह से बाक़ी दोनों ट्रेन चपेट में आयी।
रूस ने जताया दुख
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ओडिशा में हुई घातक ट्रेन दुर्घटना पर भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक संदेश में अपनी संवेदना व्यक्त की। भारत में रूसी दूतावास ने अपने संदेश में लिखा, इस दुखद दुर्घटना में जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति हमारी संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं।
यह है हादसे की पूरी कहानी
कोलकाता से करीब 250 किलोमीटर दक्षिण और भुवनेश्वर से 170 किलोमीटर उत्तर में बालासोर जिले के बहानागा बाजार स्टेशन के पास शुक्रवार शाम करीब सात बजे भीषण ट्रेन हादसा हुआ। इस हादसे का शिकार तीन ट्रेनें हुईं जिसमें कोरोमंडल एक्सप्रेस, बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस और मालगाड़ी शामिल हैं।
इस भयावह हादसे में कोरोमंडल एक्सप्रेस मालगाड़ी से टकरा गई। ट्रेन का इंजन मालगाड़ी के डिब्बे पर चढ़ गया। टक्कर के बाद कोरोमंडल एक्सप्रेस के 13 डिब्बे बुरी तरह छतिग्रस्त हो गए। इनमें सामान्य, स्लीपर, एसी 3 टियर और एसी 2 टीयर के डिब्बे शामिल थे। कुछ डिब्बे बगल के ट्रैक पर भी जा गिरे।
उस वक्त दूसरी ओर से बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस को गुजरना था। बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस के ट्रैक पर कोरोमंडल एक्सप्रेस के डिब्बे गिरे हुए थे। इसकी वजह से बेंगलुरु-हावड़ एक्सप्रेस इन डिब्बों से टकरा गई। टक्कर के चलते बेंगलुरु-हावड़ा एक्सप्रेस के सामान्य श्रेणी के तीन डब्बे पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर पटरी से उतर गए। हादसे के बाद लोगों की चीख-पुकार शुरू हो गई। चारों तरफ खून से सने क्षत-विक्षत और अंगविहीन शव ही दिख रहे थे।