नई दिल्ली: योग गुरु बाबा रामदेव देवे ने रामनवमी के दिन 100 युवाओं को संन्यास दीक्षा दी। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी हिस्सा लिया। उन्होंने यज्ञ हवन कर पूजा-अर्चना की। साथ ही उत्तराखंड में पतंजलि विश्वविद्यालय के नवनिर्मित भवन का भी उद्घाटन किया।
बाबा रामदेव ने दीब्रह्मचर्यकी शिक्षा
बाबा रामदेव ने गुरूवार को दूसरा संन्यास दीक्षा कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान रामदेव ने 500 लोगो कोब्रह्मचर्यकी दीक्षा दी। साथ ही 60 बालकों और 40 बालिकाओं को संन्यास की दीक्षा दी गई। इस दौरान आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि संन्यास दीक्षा लेने वालों से बड़ा त्याग उनके माता-पिता का है। जिन्होंने पाल-पोसकर देश, धर्म, संस्कृति और मानवता की सेवा के लिए समर्पित कर दिया है।
बाबा रामदेव का अभूतपूर्व योगदान- अमित शाह
इस कार्यक्रम के दौरान गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि योग, आयुर्वेद और स्वदेशी के क्षेत्र में बाबा रामदेव ने पिछले 25 वर्ष में अभूतपूर्व योगदान दिया है। भारतीय शिक्षा बोर्ड, पतंजलि गुरुकुलम, आचार्यकुलम, पतंजलि विश्वविद्यालय और पतंजलि आयुर्वेद कालेज के माध्यम से मूल भारतीय परंपरा से हमारे चिर पुरातन ज्ञान को नई ऊर्जा मिलने जा रही है।