शिमला: हिमाचल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद बीजेपी लगातार एक्शन मोड में नजर आ रही हैं। चुनाव में हार की गाज कार्यसमिति सदस्यों पर गिरी है। बीजेपी ने शुक्रवार को चार कार्य समिति सदस्यों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। ये चारों सदस्यों को 6 साल के लिए हिमाचल बीजेपी कार्यसमिति से निष्कासित कर दिया गया हैं।
अनुशासनहीनता बर्दाशत नहीं- सुरेश कश्यप
इन चारों कार्यसमितिसदस्यों को अनुशासनहीनता के चलते पार्टी से बाहर किया गया है। जिनपर हिमाचल विधानसभा चुनाव में पार्टी विरोधी गतिविधियां करने का आरोप है। हिमाचल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी एक अनुशासित राजनीतिक दल है । पार्टी में किसी भी स्तर पर अनुशासनहीनता को बर्दाशत नहीं किया जाएगा।
आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई- कश्यप
बता दें हिमाचल विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने कहा था कि, पार्टी जल्द हार के कारणों की समीक्षा करके पार्टी को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। इसी कड़ी में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल पाए गए सदस्यों को पार्टी से निष्कासित कर दिया है। इस दौरान उन्होंने ये भी साफ कर दिया कि, पार्टी की ये कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
बागी बने हार की वजह ?
गौरतलब है कि हिमाचल की 68 विधानसभा सीटों पर कांग्रेस को 40 सीटों के साथ पूर्ण बहुमत मिला था। वहीं भाजपा को 25 सीटें हासिल हुईं। जबकि 3 सीटें अन्य दलों के खाते में गईं थी। चुनाव में हार के बाद से ही भाजपा का इसकी वजहों पर मंथन जारी है। इसका परिणाम ये हुआ कि आज 4 सदस्यों को अनुशासनहीनता के चलते पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। बता दें विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट ना मिलने से बीजेपी के कई नेता पार्टी से बागी हो गए थे। बीजेपी को मिली हार का एक कारण पार्टी से बगावत करने वाले नेताओं को भी माना जा रहा है।