न्यू एजुकेशन पॉलिसी के तहत यूजीसी ने चार साल के अंडरग्रेजुएट प्रोगामFYUP (Four Year Undergraduate Programme)का नया ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। यह पूरा ड्राफ्ट नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के अंतर्गत बनाए गए हैं। रिपोर्टस के मुताबिक देशभर की कई डीम्ड यूनिवर्सिटी ने इस अंडरग्रेजुएट प्रोगाम को लागू करने पर अपनी सहमती जताई है।
नई शिक्षा नीति आने के बाद 4 साल के अंडरग्रेजुएट प्रोगाम की बात चल रही थी। जिसे अब अमली जामा पहनाए जाने की पूरी तैयारी कर ली गई हैं। वैसे इस प्रोगाम को दिल्ली और जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी पहली ही शुरू कर चुकी है।
आखिर क्या है FYUP नियम
1.FYUPके मुताबिक ऐसे छात्र जो 3 साल में अपना ग्रेजुएशन कम्पलीट करना चाहते हैं, उन्हें 120 क्रेडिट दिया जाएगा। जबकि 4 साल के तहत ऑनर्स की डिग्री लेने वाल स्टूडेंट को पूरे 4 सालों को मिलाकर 160 क्रेडिट स्कोर अर्जित करने होंगे।
2. इन नियमों के तहत कोर्स के दौरान दूसरे समेस्टर में स्टूडेंट अपने पंसद के विषयों को जारी रख सकते है और छोड़ भी सकते हैं। उनके पास सिंगल मेजर या डबल मेजर के साथ जाने का विकल्प मौजूद होगा।
3. FYUPमें प्रमुख कोर्स ,शार्ट टर्म कोर्स, लैंग्वेज कोर्स, स्किल कोर्स, टेक्निकल कोर्स, योग शिक्षा योग समेत और अन्य विषयों के कोर्स भी शामिल होंगे।
4. अगर कोई स्टूडेंट रिसर्च स्पेशलाइजेशन करना में रूचि रखता है तो उन्हें अपने चार साल के कोर्स में एक रिसर्च प्रोजेक्ट शुरू करना होगा। जिसके तहत छात्रों को रिसर्च स्पेशलाइजेशन के साथ ऑनर्स डिग्री भी प्रदान की जाएगी।
5. FYUPछात्रों को मल्टीपल एंट्री-एग्जिट का विकल्प देगा। जिसके अनुसार जो स्टूडेंट 3 साल से पहले कोर्स बीच में ही छोड़ना चाहते हैं या किसी वजह से उन्हें छोड़ना पड़ता है। ऐसे में उनके पास कोर्स छोड़ने के 3 साल के अंदर दोबारा शामिल होने का विकल्प उपल्बध होगा।
6. यूजीसी के अनुसार जो स्टूडेंट पहले से पढ़ रहे हैं वो अब 4 साल के अंडरग्रेजुएट प्रोगाम को आगे बढ़ा सकते हैं। यूनिवर्सिटी उन्हें प्रोगाम में बदलाव के लिए ब्रिज कोर्स ऑनलाइन का विकल्प भी देगा।
7. चार साल का ग्रेजुएशन कोर्स देने के लिए दिल्ली यूनिवर्सिटी की मौजूदा नीति से मेल नहीं खाता है। दिल्ली यूनिवर्सिटी में स्टूडेंट तीसरे साल के आखिरी में बाहर निकलने पर सम्मान के साथ डिग्री ले सकते हैं।
8. बता दें FYUPड्राफ्ट रेगुलेशस के अनुसार ये 4 साल का यूजी कोर्स नई शिक्षा नीति प्रावधानों के अंतर्गत है। स्टूडेंट चाहें तो वो पहले से ही चल रहे परंपरागत 3 साल के यूजी प्रोगाम को ही जारी रख सकते हैं।