बिहार के कई जिलों में बेमौसम हुई बारिश ने किसानों की कमर हीं तोड़ दी है। कई जगहों पर वज्रपात (Thunderclap) की भी हुई है। दरअसल रबी मौसम शुरू होने के बाद से हर महीने वर्षा हो रही है और अब तक जितनी वर्षा होनी चाहिए उससे चार सौ प्रतिशत अधिक बारिश हो चुकी है।
बता दें कि मौसम की इस बेरुखी ने दलहनी और तेलहनी फसलों को को काफी नुकसान पहुंचाया है। चना को तो थोड़ा कम नुकसान है, लेकिन मसूर की खेती बर्बाद हो गई है। सरसों की खेती करने वाले किसानों के लिए लागत की रकम भी निकालनी मुश्किल होगी। खेतों में पानी भर जाने के कारण प्याज की फसल भी बर्बाद हो गई है। इतना ही नहीं गेहूं की फसल भी पूरी तरह से नष्ट होने के कगार पर है। आलू की तैयार फसल तो खेतों में भी ही सड़ने के कगार पर ही है।
कैमूर, भोजपुर, बक्सर, छपरा, सीवान सहित कई जिलों में दो दिनों से लगातार बारिश के साथ ओलावृष्टि होने से गेहूं और तेलहन फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कैमूर पहाड़ी के इलाके क्षेत्रों में बारिश के साथ भारी मात्रा में ओलावृष्टि हुई जिससे किसानों कि काफी नुकसान हुआ है। वहीं भारी बारिश के बाद किसान जिला प्रशासन से मुआवजे कि मांग कर रहे हैं।
वहीं मौसम विभाग के अनुसार पाकिस्तान और आसपास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण कश्मीर, हिमाचल प्रदेश आदि में बर्फबारी हो रही है और उसका प्रभाव बिहार पर भी पड़ रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण काफी संख्या में लोग बीमार पड़ने लगे हैं।