हरियाणा में अगले पांच दिनों तक बारिश से राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। मौसम विभाग ने पांच दिनों तक तेज बारिश की संभावना जताई है और राज्य के कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। बारिश के कारण सात दिनों में तापमान में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेगा।मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा में बीते साल के मुकाबले इस साल सबसे अधिक बारिश हुई है। राज्य के जिन जिलों में बारिश को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है, उनमें उत्तर हरियाणा और दक्षिण व दक्षिण-पूर्व हरियाणा के जिले भी शामिल हैं। तेज बारिश होने पर इन जिलों के लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। मौसम विभाग ने गुरुवार (20 जुलाई) को राज्य के कई क्षेत्रों में तेज बारिश की संभावना जताई है। चंडीगढ़-पंचकूला में सुबह से ही ठंडी हवाओं के साथ हल्की बूंदाबांदी हो रही है।
इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर हरियाणा के चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, यमुना नगर, कुरुक्षेत्र, कैथल और करनाल में हल्की बारिश होने की संभावना है। वहीं, दक्षिण और दक्षिण पूर्व हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, झज्जर, गुरुग्राम, नूह, पलवल, फरीदाबाद, रोहतक, सोनीपत, पानीपत में भी गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, चरखी-दादरी में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
राज्य के 12 जिलों में कुल 1,354 स्थानों पर आई है बाढ़
हरियाणा सरकार ने राज्य के इतिहास में पहली बार बाढ़ घोषित किया है। बुधवार शाम जारी एक पत्र के अनुसार राज्य के 12 जिलों में कुल 1,354 स्थानों पर बाढ़ आई है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला, जिनके पास राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग है, उन्होंने बताया कि इन सभी स्थानों पर बाढ़ नियंत्रण, राहत एवं बचाव, पुनर्वास और नुकसान की भरपाई संबंधी कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। राज्य के 12 जिले अंबाला, पंचकुला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, सिरसा, फतेहाबाद, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, पलवल और फरीदाबाद में बाढ़ आई है। उन्होंने बताया कि इन सभी जिलों में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की सूची जारी कर दी गई है, जिसके अनुसार सबसे ज्यादा 315 जगहों पर अंबाला में, 298 जगहों पर कुरुक्षेत्र में और 221 जगहों पर यमुनानगर में बाढ़ आई है। इनके अलावा कैथल जिले में 128 जगहों पर, फतेहाबाद में 94 जगहों पर और पंचकूला में 84 जगहों पर बाढ़ ने नुकसान पहुंचाया है। करनाल जिले में 66, फरीदाबाद में 54, पलवल में 32, सोनीपत में 25, सिरसा में 23 और पानीपत में 14 स्थान बाढ़ से प्रभावित घोषित किए गए हैं। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जिला स्तर से प्राप्त सूचना के आधार पर राज्य सरकार ने अहम निर्णय लेते हुए प्रदेश के इतिहास में पहली बार औपचारिक रूप से बाढ़ घोषित किया है। उन्होंने कहा कि 8 से 12 जुलाई तक हुई तेज बारिश और हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब से आए बारिश के अत्यधिक पानी की वजह से प्रदेश में व्यापक स्तर पर सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है।
15 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से किसानों को मुआवजा
दुष्यंत चौटाला ने परेशानी की इस घड़ी कहा कि पूरी तरह खराब हुईं फसलों के लिए 15 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा किसानों के खातों में जल्द भेजा जाएगा। साथ ही पशुपालकों के नुकसान की भरपाई होगी और जिन लोगों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, सरकार उन्हें भी नियमानुसार उचित मुआवजा देगी। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग बाढ़ से टूटी सड़कों की जल्द से जल्द मरम्मत में जुट गया है। लगभग 150 जगहों पर टूटी सड़कों के मरम्मत कार्य पर 230 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होंगे।
हरियाणा में अगले पांच दिनों तक बारिश से राहत नहीं, येलो अलर्ट जारी”