दिल्ली पुलिस ने सुनंदा पुष्कर केस के सम्बन्ध में कोर्ट को आरोपी शशि थरूर के खिलाफ ख़ुदकुशी करने को लेकर उकसाने के सम्बन्ध में आरोप तय करने को कहा है। वहीँ सुनंदा के भाई आशीष दास का कहना है कि, सुनंदा अपने शादीशुदा जिंदगी से काफी खुश थी, लेकिन वे अपने अंतिम दिनों में काफी परेशान हो गयी थी।
दिल्ली पुलिस का कहना है कि,कांग्रेस के सांसद शशि थरूर के खिलाफ 498ए, 306 के तहत केस दर्ज होना चाहिए। मामले में दिल्ली पुलिस की तरफ से शशि थरूर को आरोपी बनाते हुए कोर्ट में 3000 पन्नों की लंबी चार्जशीट दाखिल की गई है। वहीँ, शशि थरूर के वकील विकास पाहवा ने दिल्ली पुलिस के आरोपों को गलत करार देते हुए कहा है कि अभियोजक चार्जशीट के उलट बात कर रहे हैं। अभियोजक ने जो आरोप लगाए हैं वो बेतुके और गलत हैं। अपने द्वारा तय किए गए आरोपों के हिसाब से दिल्ली पुलिस साक्ष्यों के बारे में टुकड़ों-टुकड़ों में बात कर रही है। यह विधि के सिद्धांत के खिलाफ है। वहीँ, सुनंदा के भाई आशीष का कहना है कि वह अपनी शादीशुदा जिंदगी से बेहद खुश थीं, लेकिन अपने अंतिम दिनों में वह बेहद परेशान थीं। वह कभी आत्महत्या करने के बारे में सोच भी नहीं सकती थीं।
बता दे कि, 17 जनवरी 2014 को दिल्ली के चाणक्यपुरी में आलीशान होटल लीला होटल में शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। मौत से एक दिन पहले कथित तौर पर सुनंदा पुष्कर और पाकिस्तानी पत्रकार मेहर तरार के बीच ट्विटर पर बहस हुई थी। वहीं इससे कुछ ही दिन पहले उन्होंने थरूर पर पाकिस्तानी पत्रकार के साथ अंतरंग संबंध होने के आरोप लगाए थे। 14 मई 2018 को थरूर के खिलाफ पत्नी को खुदकुशी के लिए उकसाने और क्रूरता से संबंधित भारतीय दंड संहिता की कई धाराओं के तहत चार्जशीट दायर की। पुलिस ने इस मामले में थरूर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498-A और धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया। फिलहाल वह जमानत पर हैं।