राजस्थान के अलवर जिले के पहलू खान मॉब लिंचिंग मामले में अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया है. डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने सबूतों की कमी के आधार पर आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी किया है. इस मामले में पीड़ितों के वकील योगेंद्र सिंह खड़ाना ने कहा है कि फैसले की कॉपी मिलने के बाद इसका अध्ययन कर वे इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे.
रिपोर्ट के मुताबिक जिस व्यक्ति के बारे में दावा किया गया कि उसने घटना का वीडियो बनाया था, उसने कोर्ट में आकर गवाही नहीं दी है कि ये वीडियो उसी ने बनाया है. बचाव पक्ष के वकील के मुताबिक ऐसे में वीडियो की सत्यता पर भी सवाल उठता है. बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि जो वीडियो है वह वीडियो बिल्कुल धुंधला है जिसमें किसी की तस्वीर साफ नहीं दिखाई दे रही है और वीडियो कोर्ट में ऐडमिसेबल भी नहीं है. लिहाजा कोर्ट ने इन लोगों को बाइज्जत बरी किया है.
दरअसल यह मामले में2 अप्रैल 2017 को बहरोड़ थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था. इसके बाद पुलिस ने कोर्ट में विपिन, रवींद्र, कालूराम, दयानंद और योगेश कुमार के खिलाफ चार्जशीट 31 मई 2017 को पेश की थी. इसके बाद यह मामला राजस्थान से लेकर दिल्ली तक उठा था. इस मामले में वसुंधरा सरकार को देशभर में आलोचना झेलनी पड़ी थी. पिछले दिनों सरकरा ने विधानसभा में मॉब लिंचिंग कानून पारित कराया है.