कांग्रेस के नेता मनीष तिवारी ने जम्मू-कश्मीर के हालात पर कहा कि जम्मू-कश्मीर पाक समर्थित आतंक का अक्टूबर 1947 से सामना कर रहा है. सबसे खराब समय 1990 में था जब केंद्र में बीजेपी समर्थित वीपी सिंह की सरकार थी. भारत ने पाक के सामने आज की तरह न 1947 में और न ही 1990 में सरेंडर किया था. अमरनाथ यात्रा रोकने की जगह सरकार को श्रद्धालुओं को सुरक्षा मुहैया करवानी चाहिए थी.
कांग्रेसी नेता मनीष तिवारी का एसे वक्त पर आया है जब जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है. संभावित खतरे और आतंकी हमले को देखते हुए राज्य सरकार ने ए़़डवाइजरी जारी कर यात्रियों को वापस जाने की हिदायत दी है. दरअसल, सुरक्षा बलों को अमरनाथ यात्रा के रूट पर सर्च ऑपरेशन के दौरान स्नाइपर राइफल मिली है, जिसके बाद यात्रा रोकने का फैसला किया गया.
दरअसल जम्मू-कश्मीर सरकार के गृह विभाग की ओर से जारी सुरक्षा एडवाइजरी में कहा गया है कि अमरनाथ यात्रा पर आतंकी हमलों के इनपुट मिलने और कश्मीर की सुरक्षा बढ़ाने के मकसद से अमरनाथ यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा को देखते हुए घाटी में तत्काल प्रभाव से सभी तरह की यात्रा पर रोक लगाई जा रही है. अमरनाथ यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा को तुरंत खत्म करें और जितनी जल्दी हो सके घाटी को छोड़ दें. सुरक्षा बलों ने अमरनाथ यात्रा के रूट पर जांच के दौरान स्नाइपर राइफल बरामद किया है.