जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के सम्बन्ध में कुछ संभावित बड़े फैसले को लेकर घाटी में बढ़ी हलचल के बाद पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने कहा है कि अब मामला आरा पार हो चूका है और भारत ने जनता के बजाय जमीन को तरजीह दी है. इसके साथ ही महबूबा ने पीएम मोदी से अपील किया है कि वो राज्य के विशेष दर्जे पर छेड़छाड़ ना करें और एकदम से लिए गए नतीजे अच्छे साबित नहीं होंगे.
पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने कहा, आप एकमात्र मुस्लिम बहुल राज्य के प्यार को जीतने में नाकाम रहे, जिसने धार्मिक आधार पर विभेद को खारिज किया और धर्मनिरपेक्ष भारत को चुना. अब मामला आर-पार का हो चुका है और भारत ने जनता के बदले जमीन को तरजीह दी है.
उन्होंने आगे कहा, (पीडीपी के संस्थापक और दो बार मुख्यमंत्री रहे) मुफ्ती (मोहम्मद सईद) साहब हमेशा कहा करते थे कि कश्मीरियों को जो कुछ भी मिलेगा वह उनके अपने देश भारत से मिलेगा. लेकिन आज ऐसा लगता है कि अपनी विशिष्ट पहचान की रक्षा के लिये उनके पास जो कुछ भी बचा था, यही देश उनसे वह बलपूर्वक छीनने की तैयारी कर रहा है. महबूबा मुफ्ती ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री इंसानियत, जम्हूरियत, कश्मीरियत के बारे में बात करके कश्मीर के लोगों का दिलों-दिमाग जीतना चाहते हैं तो ऐसा माहौल क्यों बनाया जा रहा है जहां लोगों को लग रहा है कि उनकी पहचान खतरे में है.
महबूबा ने कहा, मुझे भरोसा है कि देश के लोग जम्मू कश्मीर के लोगों को चाहते हैं ना कि केवल भूमि, लेकिन स्थिति ऐसी है कि ऐसा लग रहा है कि आप जम्मू कश्मीर को क्षेत्र का मुद्दा समझते हैं. पूरा क्षेत्र पहले से ही आपके साथ है. उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर ही एकमात्र मुस्लिम बहुत राज्य है जिसने मुश्किल समय में इस शर्त पर दो राष्ट्र की थ्योरी नकार दी और एक धर्मनिरपेक्ष और लोकतांत्रिक भारत में शामिल हो गया कि उसकी विशिष्ट पहचान की रक्षा की जाएगी.
महबूबा ने यह भी कहा कि वह घाटी के तमाम नेताओं से मुलाक़ात कर के एकजुट होकर यह लडाई लड़ेंगी. संवाददाता सम्मेलन के बाद उन्होंने नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला, पीपुल्स कांफ्रेंस नेता सज्जाद लोन और इमरान अंसारी, जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट के नेता शाह फैसल से मुलाकात की.