वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर ईरानी सरकार ने हमारी हत्या या हत्या के प्रयास की धमकी को अमल में लाने की कोशिश की, तो 1000 मिसाइलें पहले से ही लॉक और लोडेड हैं, जो ईरान पर हमला करने को तैयार हैं। ट्रंप ने कहा कि इस हमले के बाद हजारों और मिसाइलें तुरंत फायर की जाएंगी।
ट्रंप ने अपने बयान में कहा, “1000 मिसाइलें इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान पर निशाना साधकर तैयार हैं। अगर ईरानी सरकार दुनिया के विभिन्न कोनों में दी गई अपनी धमकी को पूरा करने की कोशिश करती है, यानी बैठे हुए अमेरिकी राष्ट्रपति यानी मुझ पर हमला करती है, तो अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है।” उन्होंने आगे कहा कि आदेश पहले ही जारी कर दिए गए हैं और अमेरिकी सैन्य बल एक साल तक ईरान के सभी क्षेत्रों को पूरी तरह नष्ट करने और तबाह करने की क्षमता रखता है, जिसे बढ़ाया भी जा सकता है।
ईरान को कहा-अल्लाह से अपने लिया दुआ करो
ट्रंप ने इस बयान में “PRAISE BE TO ALLAH!” जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया है। इसका मतलब माना जा रहा है कि उन्होंने ईरानियों को कहा है कि वह अल्लाह से अपने लिए दुआ करें कि 1000 मिसाइलें उन पर बरसाने की नौबत नहीं आए। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव पहले से ही चरम पर है। ईरान पर अमेरिकी हितों और नेतृत्व के खिलाफ साजिश रचने के आरोप लगते रहे हैं।
किसी भी अमेरिकी राष्ट्रपति की हत्या की साजिश नहीं बर्दाश्त
विदेश नीति विशेषज्ञों का कहना है कि ट्रंप का यह बयान ईरान को साफ संदेश देता है कि कोई भी अमेरिकी राष्ट्रपति के खिलाफ कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अमेरिकी रक्षा विभाग के सूत्रों ने पुष्टि की है कि सेना पूरी तरह अलर्ट पर है और जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि ईरान सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालांकि तेहरान के कुछ मीडिया आउटलेट्स ने इसे “ट्रंप की खोखली धमकी” बताया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय देश शांतिपूर्ण समाधान की अपील कर रहे हैं।