तेहरान: ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के चार महीने बाद उनका राजकीय अंतिम संस्कार शुरू हो गया है। 28 फरवरी को अमेरिका-इजराइल के पहले हवाई हमले में ही खामेनेई और उनके परिवार के कई सदस्य मारे गए थे। अब ईरान सरकार 4 से 9 जुलाई तक 6 दिवसीय भव्य शोक समारोह आयोजित कर रही है।
ग्रैंड मॉडल्स में अंतिम दर्शन को रखा गया शव
तहरान के ग्रैंड मोसल्ला में खामेनेई के ताबूत को जनता के दर्शन के लिए रखा गया है। अधिकारियों के अनुसार, पूरे समारोह में 1.5 से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 2.65 लाख सैनिक तैनात हैं और हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ईरानी सेना ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी है कि अंतिम संस्कार के दौरान कोई हमला न करें।
समारोह का कार्यक्रम
- 4-5 जुलाई: तहरान में जनता का श्रद्धांजलि समारोह।
- 6 जुलाई: तहरान की सड़कों पर जुलूस।
- 7 जुलाई: पवित्र शहर क़ोम में श्रद्धांजलि।
- 8 जुलाई: इराक के नजफ और करबला में कार्यक्रम।
- 9 जुलाई: मशहद के इमाम रजा दरगाह में अंतिम दफन।
खामेनेई को श्रद्धांजलि देने जुटे 100 देशों के प्रतिनिधि
खामेनेई की अंतिम यात्रा में चीन, भारत, पाकिस्तान, रूस समेत 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। ईरान इस समारोह को पश्चिमी ताकतों के खिलाफ एकजुटता का प्रतीक बना रहा है।
खामेनेई के बेटे अनुपस्थित
खामेनेई के बड़े बेटे और ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई सुरक्षा कारणों से अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। यह समारोह ईरान के लिए न सिर्फ शोक का अवसर है, बल्कि युद्ध के बाद अपनी मजबूती और प्रतिरोध दिखाने का मौका भी है। पूरी दुनिया की नजरें तहरान पर टिकी हुई हैं।