नई दिल्ली केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में ‘डिजिटल इंडिया’ अभियान ने देश की तस्वीर बदल दी है। यह आज विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत आधारशिला बनकर उभरा है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में इस मुहिम ने तकनीक को आम आदमी तक पहुंचाने का काम किया है। इसका सबसे बड़ा लाभ गरीब, वंचित और समाज की अंतिम पंक्ति में खड़े नागरिक को मिला है।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंची सेवाएं
मनोहर लाल ने कहा कि पहले सरकारी सेवाओं के लिए लोगों को घंटों लाइन में लगना पड़ता था। अब वही सेवाएं मोबाइल और कंप्यूटर के जरिए घर बैठे मिल रही हैं। डिजिटल इंडिया ने अवसर, सेवाएं और सुविधाओं को सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाकर उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाया है।
उन्होंने कहा कि जनधन-आधार-मोबाइल यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और ई-गवर्नेंस के कारण भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है और पारदर्शिता बढ़ी है।
बुनियादी ढांचे से लेकर वैश्विक पहचान तक
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क के व्यापक विस्तार से गांव-गांव तक इंटरनेट पहुंचा है। भारतनेट योजना के तहत लाखों ग्राम पंचायतें इससे जुड़ी हैं। इसी के साथ UPI और डिजिटल भुगतान में भारत ने विश्वस्तरीय उपलब्धियां हासिल की हैं। आज दुनिया के कई देश भारत के डिजिटल पेमेंट मॉडल को अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस अभियान ने सुशासन को नई गति दी है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में तकनीक के इस्तेमाल से आम जनजीवन अधिक सरल हुआ है।
दुनिया ने माना भारत का लोहा
मनोहर लाल ने कहा कि डिजिटल इंडिया ने अपनी उल्लेखनीय सफलता से वैश्विक स्तर पर भी भारत की डिजिटल क्षमता का लोहा मनवाया है। कोविड महामारी के दौरान कोविन पोर्टल और आरोग्य सेतु ऐप की भूमिका की पूरी दुनिया ने सराहना की।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के विजन के कारण आज भारत सिर्फ टेक्नोलॉजी का उपभोक्ता नहीं, बल्कि उसका निर्माता भी बन गया है। स्टार्टअप, फिनटेक और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है।
अंत में उन्होंने कहा कि अगले 10 साल में डिजिटल इंडिया, विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगा।