तेहरान: ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर ग़ालिबाफ ने कहा है कि ईरान ऐतिहासिक युद्ध में दुश्मन को पीछे धकेल रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि दुश्मन अपनी सैन्य हार की भरपाई के लिए आर्थिक दबाव और मीडिया प्रोपेगेंडा का सहारा ले रहा है।
आत्मसमर्पण को मजबूर करना बेवक़ूफ़ी भरा सपना
ग़ालिबाफ ने एक ऑडियो संदेश में कहा, “दुश्मन अपनी सैन्य हार की भरपाई के लिए आर्थिक दबाव और मीडिया प्रोपेगेंडा का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहा है। हमें आत्मसमर्पण के लिए मजबूर करने की कोशिश की जा रही है। ये बेवकूफी भरा सपना है।”
दुश्मन का हर प्लान होगा नाकाम
ग़ालिबाफ़ ने ईरानी जनता के संकल्प और सर्वोच्च नेता की अगुवाई में दुश्मन के हर प्लान को नाकाम करने का भरोसा जताया। ग़ालिबाफ का यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और इजराइल के साथ हालिया संघर्ष के बाद सीजफायर लागू है, लेकिन तनाव कम नहीं हुआ है। ईरान का आरोप है कि दुश्मन नए युद्ध की तैयारी कर रहा है और हार्मुज जलडमरूमध्य समेत विभिन्न मोर्चों पर दबाव बढ़ा रहा है।
सैन्य लक्ष्यों से पीछे नहीं हटा है अमेरिका
ग़ालिबाफ ने कहा कि दुश्मन की खुली और गुप्त हरकतें साफ दिखाती हैं कि वह सैन्य लक्ष्यों से पीछे नहीं हटा है। उन्होंने अमेरिका पर इजराइल के एजेंट की तरह काम करने का आरोप लगाया। ईरानी स्पीकर ने जोर दिया कि ईरान संवाद से नहीं, बल्कि अपनी मिसाइलों और सैन्य शक्ति से अपने अधिकार हासिल करेगा।
हमने दुश्मन को पहुंचाया भारी नुकसान
ईरान का यह बयान ऐसे वक्त में महत्वपूर्ण है, जब पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुए सीजफायर के बावजूद दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने युद्ध में दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाया और अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत किया है। ईरानी मीडिया ने ग़ालिबाफ के बयान को व्यापक कवरेज दिया। उन्होंने कहा कि ईरानी जनता आर्थिक दबावों के बावजूद एकजुट है और किसी भी नई आक्रामकता का मुंहतोड़ जवाब देगी।
विश्लेषकों का मानना है कि ग़ालिबाफ का यह तीखा रुख ईरान की आंतरिक एकजुटता और बाहरी चुनौतियों से निपटने की इच्छाशक्ति को दर्शाता है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी समझौते में कमजोरी नहीं दिखाएगा।