यरुशलम: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को अपने इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू के साथ बैठक की। दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, प्रौद्योगिकी और कृषि क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा की।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर फोकस
रक्षा क्षेत्र भारत-इजराइल संबंधों का एक मजबूत स्तंभ बन चुका है। इजराइल ने भारत को कई सैन्य प्लेटफॉर्म और हथियार प्रणालियां मुहैया कराई हैं। दोनों नेताओं ने नई तकनीकी साझेदारी और सुरक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने पर ध्यान केंद्रित किया। भारत और इजराइल के बीच व्यापार और निवेश संबंध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। नवंबर में वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल की इजराइल यात्रा के दौरान दोनों देशों ने मुक्त व्यापार समझौता (FTA) वार्ता शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण TOR पर हस्ताक्षर किए थे।
विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार
दोनों देशों ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और साइबर सुरक्षा में सहयोग को बढ़ाने पर चर्चा की। इसके अलावा I2U2 (भारत-इजराइल-यूएई-अमेरिका) और IMECE (भारत-पश्चिम एशिया यूरोप आर्थिक गलियारे) के तहत नई परियोजनाओं पर विचार हुआ।
इजराइली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से भी की मुलाकात
पीएम मोदी ने नेतन्याहू से वार्ता से पहले इजराइली राष्ट्रपति इसहाक हर्जोग से भी मुलाकात की। प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति हर्जोग से शिक्षा, स्टार्टअप, नवाचार, प्रौद्योगिकी और कनेक्टिविटी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी ने हर्जोग के अटूट समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया। उन्होंने कहा, “मैं आपको भारत आने का आमंत्रण देता हूं। जब आप आएं, तो केवल दिल्ली तक सीमित न रहें, बल्कि भारत के अन्य हिस्सों की भी यात्रा करें।”
पीएम मोदी ने एक पेड़ मां के नाम लगाया पौधा
प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ पहल के तहत राष्ट्रपति उद्यान में पौधा लगाया। इसके अलावा उन्होंने याद वाशेम स्मारक का दौरा कर उन यहुदियों को श्रद्धांजलि दी, जिनका नरसंहार हुआ था। यह कदम भारत की मानवता और साझा सम्मान की भावना को दर्शाता है। पीएम मोदी का यह दौरा नौ वर्षों में उनकी दूसरी इजराइल यात्रा है। जुलाई 2017 में उनकी पहली यात्रा के दौरान भारत-इजराइल संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाया गया था। भारत और इजराइल के बीच अब विज्ञान, रक्षा, व्यापार, कृषि और जन-जन संबंधों में मजबूत सहयोग है, और इस दौरे से दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है।