जम्मू: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में बुनियादी ढांचे के विकास और केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया।
लोक भवन में हुई अहम बैठक
अधिकारियों के अनुसार यह बैठक जम्मू स्थित लोक भवन में आयोजित की गई। इसमें जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, मुख्य सचिव अटल दुल्लू और पुलिस महानिदेशक नलिन प्रभात समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में सड़क, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य विकास कार्यों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
सीमा क्षेत्रों और सुरक्षा हालात की समीक्षा
गृह मंत्री अमित शाह बृहस्पतिवार देर रात जम्मू पहुंचे थे। शुक्रवार को उन्होंने कठुआ जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास गुरनाम और बोबियान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की अग्रिम चौकियों का दौरा किया। इसके बाद उन्होंने एक उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी भी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करने की रणनीति पर चर्चा करना था।
शहीद पुलिसकर्मियों के परिजनों से मुलाकात
अपने दौरे के दौरान गृह मंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हुए कई पुलिसकर्मियों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें अनुकंपा के आधार पर नौकरी के नियुक्ति पत्र सौंपे। इस दौरान भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने भी गृह मंत्री से भेंट की।
‘विकसित और सुरक्षित जम्मू-कश्मीर’ का संकल्प
बैठक के बाद अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि उन्होंने भाजपा की जम्मू-कश्मीर इकाई के पदाधिकारियों, विधायकों और सांसदों के साथ बैठकें कीं। उन्होंने कहा कि भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास कार्यों की जमीनी पहुंच सुनिश्चित करते हुए ‘विकसित जम्मू-कश्मीर, सुरक्षित जम्मू-कश्मीर’ के दृष्टिकोण को साकार करने के लिए निरंतर काम करती रहेगी।