(लखनऊ): मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस-2026 को जनोत्सव के रूप में मनाया जाएगा, जिसमें प्रदेश के प्रत्येक जनपद की सक्रिय सहभागिता, सांस्कृतिक विविधता और विकास यात्रा को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। यह आयोजन 24 से 26 जनवरी तक चलेगा।
प्रदेश की पहचान और उपलब्धियों का उत्सव
मुख्यमंत्री ने बुधवार को उत्तर प्रदेश दिवस की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रदेश की पहचान, उपलब्धियों और संभावनाओं को जनसहयोग के साथ प्रदर्शित करने का अवसर है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आयोजन में गरिमा, अनुशासन और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्य अतिथि होंगे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के मुख्य अतिथि भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह होंगे। उनके मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहने से इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान मिलेगी। राजधानी लखनऊ स्थित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर मुख्य समारोह आयोजित किया जाएगा, जिसका सीधा प्रसारण पूरे प्रदेश में किया जाएगा।
‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ थीम पर प्रदर्शनी
बयान के अनुसार, उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर ‘विकसित भारत–विकसित उत्तर प्रदेश’ की थीम पर विशेष प्रदर्शनी और शिल्प मेला आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदेश की विकास यात्रा, नवाचार, बुनियादी ढांचा, उद्योग, कृषि, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता से जुड़ी उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाएगा।
‘एक जनपद–एक व्यंजन’ होगा प्रमुख आकर्षण
इस वर्ष आयोजन का प्रमुख आकर्षण ‘एक जनपद–एक व्यंजन’ होगा, जिसके तहत प्रदेश के सभी जनपदों के पारंपरिक व्यंजन एक ही परिसर में उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके माध्यम से प्रदेश की खानपान संस्कृति को राष्ट्रीय मंच मिलेगा।
संस्कृति उत्सव और सम्मान समारोह
मुख्यमंत्री ने संस्कृति उत्सव 2025-26 के अंतर्गत प्रस्तावित कार्यक्रमों को उत्तर प्रदेश दिवस से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लोक, शास्त्रीय और समकालीन कला रूपों को मंच दिया जाए। साथ ही 24 जनवरी के मुख्य समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित कर सम्मानित किया जाएगा, ताकि प्रदेश की सामूहिक उपलब्धियों को सम्मान मिल सके।