नितिन नवीन ने भरा भाजपा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन, ये वरिष्ठ नेता रहे मौजूद

(नई दिल्ली): भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने सोमवार को अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू कर दी। इस दौरान 45 वर्षीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन के नामांकन पत्र वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में दाखिल किए गए।

जे.पी. नड्डा और राजनाथ सिंह ने सौंपे नामांकन पत्र

भाजपा अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गृह मंत्री अमित शाह, सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तथा वरिष्ठ नेताओं धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और किरेन रीजीजू की मौजूदगी में पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी के. लक्ष्मण को नितिन नवीन के नामांकन पत्रों का एक सेट सौंपा।

अरुणाचल और अन्य राज्यों के नेताओं का समर्थन

इसके बाद अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और राज्य के अन्य नेताओं ने भी नितिन नवीन के समर्थन में नामांकन पत्रों का एक और सेट दाखिल किया। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी मौजूद रहे।

कई राज्यों से दाखिल हुए समर्थन पत्र

बिहार, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, असम, झारखंड समेत कई राज्यों के भाजपा नेताओं ने भी नितिन नवीन के समर्थन में नामांकन पत्र दाखिल किए। पार्टी सूत्रों के अनुसार, देशभर से मिल रहे समर्थन के कारण नितिन नवीन का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।

12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की प्रबल संभावना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत पार्टी के शीर्ष नेताओं के समर्थन से नितिन नवीन का भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में निर्विरोध चुना जाना तय माना जा रहा है। उन्हें पिछले महीने ही पार्टी का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।

भाजपा अध्यक्ष चुनाव की प्रक्रिया

भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष पार्टी की राष्ट्रीय परिषद और राज्य परिषदों के प्रतिनिधियों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा चुना जाता है। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी पार्टी के राष्ट्रीय निर्वाचन अधिकारी करते हैं।

पार्टी संविधान में तय प्रावधान

भाजपा के संविधान के अनुसार, किसी राज्य के निर्वाचक मंडल के कम से कम 20 सदस्य संयुक्त रूप से ऐसे व्यक्ति का नाम राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए प्रस्तावित कर सकते हैं, जो कम से कम 15 वर्षों से पार्टी का सक्रिय सदस्य रहा हो। यह प्रस्ताव कम से कम पांच ऐसे राज्यों से आना अनिवार्य होता है, जहां राष्ट्रीय परिषद के चुनाव पूरे हो चुके हों।

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