पंचकूला: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बृहस्पतिवार को पंचकूला में आयोजित ‘ज्ञानसेतु MoU एक्सचेंज कार्यक्रम’ में भाग लिया और कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए। इस कार्यक्रम में गोल्डन जुबली हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच MoU हस्ताक्षरित हुए, जिनका उद्देश्य शैक्षणिक सहयोग, शोध एकीकरण और कौशल-आधारित संस्थागत क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। सीएम सैनी ने अपने ट्वीट में इसे ‘विकसित भारत’ में ‘विकसित हरियाणा’ की मजबूत नींव बताया।
NEEV पोर्टल का शुभारंभ
कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि रही नेशनल एजुकेशन इवैल्यूएशन एंड वैलिडेशन (NEEV) पोर्टल का शुभारंभ। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के कार्यान्वयन की निगरानी और मजबूती प्रदान करेगा। पोर्टल के माध्यम से स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय चरणबद्ध तरीके से डेटा सबमिट करेंगे, जिससे डेटा-आधारित योजना और सूचित निर्णय संभव होंगे। सीएम ने सभी संस्थानों से अपील की कि वे अपना शैक्षणिक एवं शोध संबंधी डेटा साझा करें, ताकि पारदर्शिता और सहयोग बढ़े।
शिक्षा क्षेत्र में आएगी बड़ी क्रांति
यह पहल हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था को कौशल विकास, नवाचार और रोजगारपरकता पर केंद्रित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। सीएम सैनी ने इसे राज्य के शैक्षणिक इतिहास का यादगार दिन करार दिया। उन्होंने जोर दिया कि ये कदम 24 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लॉन्च किए गए हरियाणा विजन डॉक्यूमेंट 2047 और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हरियाणा को देश का ग्रोथ इंजन बनाने’ के संकल्प को साकार करेंगे।
युवाओं को होगा बड़ा फायदा
विशेषज्ञों का मानना है कि ज्ञानसेतु और NEEV जैसी पहलें हरियाणा को शिक्षा, शोध और नवाचार में राष्ट्रीय बेंचमार्क बनाने में मदद करेंगी। राज्य सरकार का फोकस संस्थागत सुधारों, रिसर्च-ड्रिवन पॉलिसी मेकिंग और नागरिक भागीदारी पर है, जो सतत विकास सुनिश्चित करेगा। इस कार्यक्रम से युवाओं को उभरते क्षेत्रों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर में कोर्स विकसित करने की प्रेरणा मिलेगी।
विकसित भारत का सपना होगा साकार
हरियाणा की यह शिक्षा क्रांति न केवल डिग्री-केंद्रित शिक्षा से हटकर कौशल-आधारित बनाने की दिशा में है, बल्कि विकसित भारत 2047 के सपने को मजबूत आधार प्रदान कर रही है।