हरियाणा विधानसभा: वंदे मातरम 150 वर्ष पर चर्चा के दौरान तीखी बहस

Haryana Assembly: हरियाणा विधानसभा में शुक्रवार को राष्ट्र गीत ‘वंदे मातरम’ की रचना के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित चर्चा के दौरान सत्ताधारी भाजपा और विपक्षी कांग्रेस के सदस्यों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। चर्चा के दौरान राष्ट्र गीत, पर्यावरण, प्रदूषण और ऐतिहासिक संदर्भों को लेकर सदन का माहौल गरमा गया।

भाजपा विधायक घनश्याम दास ने की चर्चा की शुरुआत

भाजपा विधायक घनश्याम दास ने सदन में ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा की शुरुआत की। इसके बाद कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि वंदे मातरम कहने का अर्थ अपनी मातृभूमि को नमन करना है। उन्होंने ‘सुजलाम सुफलाम’ का उल्लेख करते हुए कहा कि यह जल-संपन्न और प्रकृति मां का प्रतीक है।

पर्यावरण और प्रदूषण का मुद्दा उठाया

सुरजेवाला ने सरकार से सवाल करते हुए कहा कि जब देश पर्यावरणीय संकट का सामना कर रहा है, तब क्या यह हमारी मातृभूमि का सम्मान है। उन्होंने आरोप लगाया कि पानी में सीसा और यूरेनियम की मात्रा बढ़ रही है, अरावली क्षेत्र के 90 प्रतिशत हिस्से को संरक्षित श्रेणी से बाहर कर दिया गया है और जंगलों की कटाई हो रही है। उन्होंने कहा कि बुजुर्ग प्रदूषित हवा में सांस लेने को मजबूर हैं और बच्चे मास्क पहनकर स्कूल जा रहे हैं।

अनिल विज का तीखा पलटवार

परिवहन मंत्री अनिल विज ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि वंदे मातरम की पवित्रता को धूमिल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जल और प्रदूषण जैसे मुद्दे अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इन्हें राष्ट्र गीत से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। विज ने कहा कि वंदे मातरम लाखों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है और इसे गाते हुए कई लोगों ने देश के लिए बलिदान दिया है। विज ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि उसने वंदे मातरम को वह सम्मान नहीं दिया जिसका वह हकदार था और मोहम्मद अली जिन्ना के कहने पर इसके दो अंतरे हटाए गए थे।

विपक्ष ने रखा पक्ष

विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वे स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार से आते हैं और उन्हें राष्ट्र गीत का सम्मान सिखाने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि 1950 में संविधान सभा द्वारा अपनाए गए राष्ट्र गीत का सम्मान होना चाहिए और इस पर विवाद नहीं होना चाहिए।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया पलटवार

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन को बताया कि मंत्री अनिल विज का आशय केवल यह था कि राष्ट्र गीत को अन्य मुद्दों से न जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई ऊर्जा दी और इस पर हुई चर्चा सदन की राष्ट्र गीत के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

सदन में बना रहा तनाव

चर्चा के दौरान भाजपा और कांग्रेस सदस्यों के बीच बार-बार नोंकझोक हुई। कांग्रेस विधायक बी.बी. बत्रा ने आपातकाल से जुड़ी कुछ टिप्पणियों पर आपत्ति जताई। पूरे घटनाक्रम के दौरान सदन का माहौल तनावपूर्ण बना रहा।

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