2001 Indian Parliament Attack: (नई दिल्ली): उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन के नेतृत्व में सांसदों ने शनिवार को 2001 में संसद भवन पर हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए लोगों को पुष्पांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्यसभा सभापति राधाकृष्णन इस अवसर पर उपस्थित रहे। हर साल 13 दिसंबर को पुराने संसद भवन (संविधान सदन) के बाहर इस दिन की याद में एक छोटा समारोह आयोजित किया जाता है।
राष्ट्रपति ने वीर शहीदों को नमन किया
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शहीदों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश उनके और उनके परिवारों का ऋणी रहेगा। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि आज के दिन हम आतंकवाद के सभी रूपों से लड़ने के लिए भारत की प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं। मुर्मू ने कहा कि 2001 में संसद की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर नायकों की वीरता और कर्तव्यनिष्ठा हमारी राष्ट्रीय भावना को निरंतर प्रेरित करती रहेगी।
सुरक्षा बलों ने सलामी दी और मौन रखा गया
केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने कार्यक्रम स्थल पर सलामी और सम्मान गार्ड प्रस्तुत किया। शहीदों की याद में कुछ समय का मौन रखा गया। इससे पहले केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ‘सलामी शस्त्र’ प्रस्तुत करता था।
इस कार्यक्रम में कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाद्रा भी उपस्थित थे। केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू, जितेंद्र सिंह और अर्जुन राम मेघवाल ने शहीद कर्मियों की तस्वीरों पर पुष्पांजलि अर्पित की।
प्रधानमंत्री ने साहस और बलिदान याद किया
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर कहा कि इस दिन हमारा देश उन लोगों को याद करता है जिन्होंने 2001 में संसद पर हुए जघन्य हमले के दौरान अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने कहा कि गंभीर खतरे के बावजूद उनका साहस, सतर्कता और कर्तव्य के प्रति अटूट निष्ठा सराहनीय थी। भारत उनके सर्वोच्च बलिदान के लिए सदा कृतज्ञ रहेगा।
संसद पर किया था हमला
2001 में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के पांच आतंकवादियों ने संसद परिसर पर हमला किया था। इस हमले में नौ लोग मारे गए थे, जिनमें दिल्ली पुलिस के छह जवान, संसद सुरक्षा सेवा के दो जवान, एक माली और एक टीवी पत्रकार शामिल थे। सुरक्षा बलों ने सभी पांच आतंकवादियों को मार गिराया था।
मनोहर लाल ने अर्पित किए श्रद्धासुमन
मनोहर लाल ने 13 दिसंबर 2001 को लोकतंत्र के मंदिर संसद भवन पर हुए आतंकी हमले में अपने प्राणों की आहुति देकर राष्ट्र के गौरव की रक्षा करने वाले माँ भारती के वीर सपूतों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा सभी के अदम्य साहस, वीरता और समर्पण की गाथा भावी पीढ़ियों को सदैव गौरवान्वित करती रहेंगी।