Circular economy model: सणादर (गुजरात): केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को कहा कि देशभर में चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) मॉडल लागू होने से अगले पाँच वर्षों में डेयरी किसानों की आय में कम से कम 20 प्रतिशत की वृद्धि होगी। वे गुजरात के वाव-थराद जिले के सणादर गांव में डेयरी के जैव-सीएनजी व उर्वरक संयंत्र के उद्घाटन और दूध पाउडर संयंत्र के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
बनास डेयरी के मॉडल की सराहना
गृहमंत्री शाह ने बनास डेयरी के चक्रीय अर्थव्यवस्था मॉडल की सराहना की, जो पशुपालकों के लिए अतिरिक्त आय का मार्ग खोल रहा है। इस मॉडल में मवेशियों के गोबर को बायोगैस और जैव-उर्वरक में बदलना अपशिष्ट को पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण के माध्यम से संसाधनों का अधिकतम उपयोग करना किसानों को डेयरी उत्पादों के अलावा अन्य स्रोतों से भी आय देना शामिल है। उन्होंने बताया कि बनास डेयरी की कार्यप्रणाली को समझने के लिए देशभर से कई सांसद बनासकांठा पहुंचे हैं।
डेयरी क्षेत्र में नए आय स्रोत तैयार होंगे
अमित शाह ने कहा कि सहकारी डेयरियां अब केवल दूध खरीदने और बेचने तक सीमित नहीं रहेंगी। उन्होंने कहा मवेशियों के गोबर से बनने वाली बायोगैस और उर्वरक बेचकर डेयरी को मिलने वाली आय में किसानों को भी हिस्सा मिलेगा।शाह ने बताया कि शाम को बनासकांठा में सांसदों की बैठक में इस मॉडल को पूरे देश में लागू करने की ठोस योजना प्रस्तुत की जाएगी। शाह ने कहा कि जनवरी 2026 में सभी प्रमुख सहकारी डेयरियों के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक बनास डेयरी का दौरा करेंगे ताकि यहां लागू किए गए मॉडल को समझा जा सके और अपने-अपने राज्यों में लागू किया जा सके।
नए उत्पादों पर ध्यान देने की जरूरत
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पनीर, दही जैसे सामान्य उत्पादों के अलावा, दुनिया में कई ऐसे डेयरी उत्पादों की भारी मांग है जिनका उत्पादन भारत में अभी नहीं होता। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि इन उत्पादों पर ध्यान दिया जाए, तो डेयरी किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। सरकार ने कृषि और डेयरी दोनों क्षेत्रों के लिए तीन-तीन नई सहकारी समितियाँ भी बनाई हैं। शाह ने कहा चक्रीय अर्थव्यवस्था मॉडल अगले पाँच वर्षों में डेयरी किसानों की आय कम से कम 20 प्रतिशत बढ़ाएगा। मैं किसानों को यह भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि यह मॉडल उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।”