कुरुक्षेत्र: अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कुरुक्षेत्र पहुंचकर पवित्र ब्रह्मसरोवर के तट पर मंत्रोच्चारण के बीच महाआरती की। प्रधानमंत्री ने देशवासियों की उन्नति, समृद्धि, शांति और तरक्की के लिए विशेष प्रार्थना की। उनके आगमन से कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व में एक नया अध्याय जुड़ गया, जिसे उपस्थित हजारों श्रद्धालुओं और आगंतुकों ने भावनात्मक रूप से अनुभव किया।
सीएम सैनी ने किया स्वागत
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के पहुंचने पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। इस दौरान वातावरण में गीता और वेदों के मंत्रों की गूंज, दीपों की प्रकाश-लहर और संगीत की ध्वनि के साथ आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में जुटे कई देशों के शोधकर्ता
पीएम मोदी प्रदेश सरकार द्वारा ब्रह्मसरोवर परिसर में आयोजित 10वें अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के रथ के समक्ष केडीबी (कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड) के सदस्यों और कई देशों से आए गीता शोधकर्ताओं के साथ एक यादगार ग्रुप फोटो भी खिंचवाया। इस ऐतिहासिक तस्वीर में हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
पीएम मोदी ने की महाआरती
ब्रह्मसरोवर का अवलोकन करने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पुरूषोत्तमपुरा बाग में आयोजित भव्य महाआरती में भाग लिया। हजारों दीपों की जगमगाहट और मंत्रों की मधुर ध्वनि के बीच यह आयोजन अलौकिक वातावरण में परिवर्तित हो गया। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने न केवल इस आयोजन की प्रतिष्ठा बढ़ाई, बल्कि कुरुक्षेत्र को विश्वस्तर पर सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में फिर से स्थापित किया।
कुरुक्षेत्र प्रशासन और राज्य सरकार के अनुसार, इस वर्ष का गीता महोत्सव कई नई गतिविधियों और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता के कारण अब तक का सबसे भव्य आयोजन माना जा रहा है।