चंडीगढ़: चंडीगढ़ पुलिस ने हरियाणा के आईपीएस अधिकारी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या के मामले में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने एफआईआर के लिए आईपीएस वाई कुमार के सुसाइड नोट को आधार बनाया है। ‘अंतिम नोट’ में उल्लेखित आरोपियों के खिलाफ बृहस्पतिवार को पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की।
अपने वरिष्ठ अधिकारियों पर लगाया था आरोप
हरियाणा पुलिस के अधिकारी वाई पूरण कुमार ने एक ‘अंतिम नोट’ छोड़ा है, जिसमें राज्य के ‘‘वरिष्ठ अधिकारियों’’ के नाम हैं। कुमार ने इस नोट में यह बात विस्तार से लिखी है कि पिछले कुछ वर्षों में कैसे उन्होंने कथित तौर पर ‘‘मानसिक उत्पीड़न और अपमान’’ झेला है। कुमार ने मंगलवार को यहां अपने आवास पर कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी। चंडीगढ़ पुलिस ने एक संक्षिप्त बयान में कहा, ‘‘अंतिम नोट में उल्लिखित आरोपियों के खिलाफ अत्याचार रोकथाम अधिनियम की धारा 108 आरडब्ल्यू 3(5) (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 3(1)(आर) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
गोली मारकर कर ली थी आत्महत्या
अगली कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर चंडीगढ़ पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘हम लगाए गए आरोपों की जांच करेंगे।’’ भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 2001 बैच के अधिकारी वाई पूरण कुमार (52) यहां सेक्टर 11 स्थित अपने घर में बेसमेंट के एक कमरे में मृत पाए गए थे। उन्हें गोली लगी हुई थी। उन्हें हाल में रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र (पीटीसी) का महानिरीक्षक नियुक्त किया गया था। कुमार की पत्नी, हरियाणा सरकार में वरिष्ठ नौकरशाह अमनीत पी. कुमार ने बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से हस्तक्षेप की मांग की ताकि ‘सुसाइड नोट’ में नामित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा सके।
कई संगठनों ने भी की थी मांग
कुछ दलित संगठनों और विपक्षी दलों ने भी इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी। शाम को, सैनी ने कुमार की ‘आत्महत्या’ से जुड़े कुछ घटनाक्रमों के मद्देनजर अपनी सरकार के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक बैठक की। सूत्रों ने कहा कि सरकार इस मामले में कुछ कार्रवाई पर विचार कर सकती है। राज्य के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर, जिनके खिलाफ अमनीत कुमार ने अपने पति की आत्महत्या के सिलसिले में कार्रवाई की मांग की है, ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। अमनीत कुमार ने रोहतक के एसपी के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।