Amit Shah Haryana Visit: (रोहतक): केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को हरियाणा के रोहतक स्थित इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) में नवनिर्मित साबर डेयरी संयंत्र का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे श्वेत क्रांति 2.0 की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताते हुए कहा कि इस पहल के अंतर्गत देशभर में 75,000 से अधिक डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना की जाएगी।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, यह संयंत्र 325 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है और इसमें अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया गया है। संयंत्र से करीब 1,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
भारत का सबसे बड़ा डेयरी उत्पादन केंद्र
भारत का सबसे बड़ा डेयरी उत्पादन केंद्र कहे जाने वाले इस संयंत्र की विशेषताएं इसे देश के अन्य डेयरी प्लांट्स से अलग बनाती हैं। यह संयंत्र विशेष रूप से दही, छाछ, योगर्ट और मिठाइयों के उत्पादन के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी दैनिक उत्पादन क्षमता 150 मीट्रिक टन दही, 3 लाख लीटर छाछ, 10 लाख लीटर योगर्ट और 10 मीट्रिक टन मिठाइयों की है। यह संयंत्र गुजरात स्थित साबरकांठा जिला सहकारी दुग्ध उत्पादक संघ द्वारा संचालित किया जाएगा, जिसे देशभर में साबर डेयरी के नाम से जाना जाता है। संयंत्र में अत्याधुनिक मशीनों का उपयोग किया गया है, और इसकी पूरी प्रक्रिया स्वचालित एवं गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली से सुसज्जित है।
डेयरी क्षेत्र में तेजी से विकास
इस अवसर पर शाह ने कहा कि भारत का डेयरी क्षेत्र पिछले 11 वर्षों में 70% की दर से बढ़ा है और यह दुनिया का सबसे तेज़ी से बढ़ता हुआ डेयरी उद्योग बन गया है। उन्होंने कहा बीते एक दशक में डेयरी सेक्टर में जो परिवर्तन हुए हैं, उन्होंने देश के किसानों को सशक्त बनाया है और उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।”
श्वेत क्रांति 2.0 की घोषणा
अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि केंद्र सरकार की योजना श्वेत क्रांति 2.0 के अंतर्गत 75,000 से अधिक नई डेयरी सहकारी समितियां गठित करने की है। इससे न केवल दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि यह किसानों को बाज़ार, तकनीक और वित्तीय समर्थन से भी जोड़ेगा।
हरियाणा को औद्योगिक प्रगति की नई राह
गृह मंत्री ने कहा कि यह संयंत्र हरियाणा की औद्योगिक विकास यात्रा में एक नया अध्याय जोड़ेगा। इससे एनसीआर और उत्तरी भारत की दुग्ध उत्पाद ज़रूरतों की पूर्ति होगी और राज्य को एक राष्ट्रीय डेयरी हब के रूप में पहचान मिलेगी।
किसानों और युवाओं को होगा लाभ
शाह ने भरोसा जताया कि इस संयंत्र से न केवल हरियाणा बल्कि आसपास के राज्यों जैसे राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र और बिहार के किसानों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।