Compressed Biogas Plant Delhi: (नई दिल्ली): दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को राजधानी में ठोस अपशिष्ट से कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) बनाने वाले एक नए संयंत्र का उद्घाटन किया। यह संयंत्र 100 टन प्रतिदिन की क्षमता वाला है और इसे घोघा डेयरी (नरेला-बवाना रोड) क्षेत्र में विकसित किया गया है। यह सुविधा दिल्ली में स्वच्छ ऊर्जा और ठोस कचरे के निपटान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री ने उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान कहा कि दिल्ली को किसी भी क्षेत्र में पीछे नही रहना चाहिए। हम शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और आपातकालीन सेवाओं के क्षेत्र में निरंतर सुधार की दिशा में काम कर रहे हैं।
एमसीडी-IGL की साझेदारी से बना संयंत्र
यह संयंत्र दिल्ली नगर निगम और इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड के बीच 4 जनवरी 2022 को हुए समझौता ज्ञापन एमओयू के तहत बनाया गया है। संयंत्र को आईजीएल ने अपने खर्च पर स्थापित किया है, जबकि ज़मीन एमसीडी ने उपलब्ध कराई। यह संयंत्र लगभग तीन एकड़ में फैला हुआ है।
अधिकारियों के मुताबिक, संयंत्र में दो डाइजेस्टर इकाइयाँ लगाई गई हैं जिनकी संयुक्त क्षमता 6,000 घन मीटर है। यहां हर दिन लगभग चार टन कंप्रेस्ड बायोगैस सीबीजी का उत्पादन होगा। इससे ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी और दिल्ली की वायु गुणवत्ता में सुधार होगा। इस संयंत्र के साथ एक एकीकृत सीबीजी-सीएनजी ईंधन स्टेशन भी विकसित किया गया है, जिससे वाहन ईंधन के रूप में स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल कर सकेंगे।
छोटी अग्निशमन इकाइयों की भी शुरुआत
मुख्यमंत्री गुप्ता ने इस अवसर पर यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन समारोह के तहत दिल्ली में भीड़भाड़ वाली और संकरी गलियों में 24 छोटी अग्निशमन इकाइयों की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा इन अग्निशमन इकाइयों से यह सुनिश्चित होगा कि आपातकालीन सेवाएं समय पर उन जगहों तक पहुंच सकें जहां पारंपरिक बड़ी गाड़ियां नहीं पहुंच पाती। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार न केवल अपशिष्ट प्रबंधन पर ध्यान दे रही है, बल्कि नए स्कूल, अस्पताल, अग्निशमन केंद्र और यमुना सफाई जैसे बुनियादी कार्यों को भी प्राथमिकता दे रही है।