CM Rekha Gupta :(नई दिल्ली): दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बुधवार को दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) के पीरागढ़ी स्थित बस डिपो पर छह अत्याधुनिक ‘स्विचिंग सब-स्टेशनों’ का उद्घाटन किया। इन सब-स्टेशनों में प्रतिदिन 1000 से अधिक ईवी बसों को चार्ज करने की क्षमता होगी। इस दौरान उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 सितंबर को यमुना पुनरुद्धार से जुड़ी 4,000 करोड़ रुपये से अधिक की 46 परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। यह उद्घाटन सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं के माध्यम से दिल्ली के बुनियादी ढांचे में बड़े पैमाने पर सुधार किया जाएगा।
यमुना की सफाई को मिलेगी रफ्तार
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि जिन 46 परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाना है, उनमें कई जलमल शोधन संयंत्र (एसटीपी) शामिल हैं, जिनका मुख्य उद्देश्य यमुना नदी में गिरने वाले गंदे पानी को साफ करना और नदी को पुनर्जीवित करना है। उन्होंने कहा कि ओखला में बने एशिया के सबसे बड़े एसटीपी का भी उद्घाटन अमित शाह करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा, “एक ही दिन में 4,000 करोड़ रुपये की योजनाओं का लोकार्पण किया जाएगा। इसमें ओखला एसटीपी के अलावा अन्य प्रमुख एसटीपी भी शामिल हैं, जो यमुना को साफ करने में अहम भूमिका निभाएंगे।”
बिजली आपूर्ति में होगा सुधार
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए छह आधुनिक स्विचिंग सब-स्टेशन स्थापित किए गए हैं। इनमें से पांच दक्षिण और पश्चिम दिल्ली में बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (बीआरपीएल) द्वारा और एक उत्तरी दिल्ली में टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (टीपीडीडीएल) द्वारा लगाया गया है। सीएम रेखा गुप्ता ने कहा कि यह कदम राजधानी की बिजली व्यवस्था को अधिक सक्षम और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक अहम प्रयास है। समारोह का आयोजन डीटीसी के प्रमुख बस डिपो पर किया गया था।
बुनियादी सुविधाओं पर फोकस
मुख्यमंत्री ने यह कहा कि दिल्ली के कई हिस्सों में अब भी न सीवर लाइन है और न ही जल आपूर्ति के कनेक्शन। उन्होंने कहा, “दिल्ली की हालत पिछले कुछ सालों में बहुत खराब हो गई थी। 27 सालों से कई काम अधूरे पड़े थे। उन्हें पूरा करने में समय लगेगा, लेकिन हमारी नीति और नीयत दोनों साफ हैं। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में दिल्ली और बड़ौत के बीच अंतरराज्यीय बस सेवा को 18 साल बाद फिर से शुरू किया गया है। सरकार का लक्ष्य दिल्ली को बुनियादी सुविधाओं से युक्त, स्वच्छ और आधुनिक शहर बनाना है।