152 मतों से जीत दर्ज कर उपराष्ट्रपति बने सी.पी. राधाकृष्णन, पीएम मोदी ने दी बधाई

C.P. Radhakrishnan: (नई दिल्ली): राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार सी.पी. राधाकृष्णन ने मंगलवार को संपन्न हुए 17वें उपराष्ट्रपति चुनाव में भारी मतों से जीत दर्ज की। उन्हें 452 वोट प्राप्त हुए, जबकि विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 मत मिले। इस प्रकार राधाकृष्णन भारत के नए उपराष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं।

राज्यसभा के महासचिव और निर्वाचन अधिकारी पी.सी. मोदी ने शाम को चुनाव परिणामों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि कुल 781 निर्वाचकों में से 767 ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जिसमें एक डाक मतपत्र भी शामिल था। इनमें से 15 मतों को अवैध घोषित किया गया।

ये बड़े नेता भी वोटिंग में रहे शामिल

मतदान मंगलवार सुबह 10 बजे शुरू हुआ और शाम 5 बजे तक चला। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे तथा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित 760 से अधिक सांसदों ने मतदान किया। उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा, दोनों सदनों के सदस्य मतदान करते हैं और इसमें पार्टी व्हिप लागू नहीं होता।

इस चुनाव में निर्वाचक मंडल में राज्यसभा के 233 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में 5 सीटें रिक्त हैं), 12 मनोनीत सदस्य तथा लोकसभा के 543 निर्वाचित सदस्य (वर्तमान में एक सीट रिक्त) शामिल थे। कुल मिलाकर 788 सदस्य निर्वाचक मंडल में होने चाहिए थे, लेकिन फिलहाल 781 सदस्य ही सक्रिय हैं। बीजू जनता दल (बीजद), भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने इस चुनाव से दूरी बनाए रखी।

पीएम मोदी ने ‘एक्स’ पर राधाकृष्णन को दी बधाई

प्रधानमंत्री मोदी ने ‘एक्स’ पर राधाकृष्णन को बधाई देते हुए कहा, “थिरु सी.पी. राधाकृष्णन जी को 2025 का उपराष्ट्रपति चुनाव जीतने पर हार्दिक बधाई। उनका जीवन हमेशा समाज सेवा और गरीबों व कमजोर वर्गों के लोगों को सशक्त बनाने के लिए समर्पित रहा है। मुझे विश्वास है कि वह एक उत्कृष्ट उपराष्ट्रपति होंगे और हमारे संवैधानिक मूल्यों को मजबूत करने के साथ-साथ संसदीय संवाद को भी आगे बढ़ाएंगे।”

राधाकृष्णन लंबे समय से भाजपा के वरिष्ठ नेता और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु में पार्टी को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अब उपराष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालकर वह देश की संसद, विशेषकर राज्यसभा के सभापति के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगे।

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