Yamuna cleanliness meeting: नई दिल्ली: यमुना नदी की स्वच्छता और जल प्रबंधन से जुड़े अंतर्राज्यीय मुद्दों पर आज दिल्ली स्थित श्रमशक्ति भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने की। बैठक में हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सैनी एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, और जल शक्ति राज्य मंत्री श्री राज भूषण चौधरी भी उपस्थित रहे।
स्वच्छ यमुना को पूरा करने का संकल्प
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्र सरकार लगातार यमुना को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने कहा “हम प्रधानमंत्री जी के ‘माँ यमुना को स्वच्छ करने’ के संकल्प को पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यह सिर्फ एक पर्यावरणीय प्रयास नहीं बल्कि करोड़ों नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।”
दिल्ली-हरियाणा के बीच जल मुद्दों पर चर्चा
बता दें कि बैठक में विशेष रूप से दिल्ली और हरियाणा के बीच जल वितरण, नदी में गिरने वाले गंदे नालों की समस्या, और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) की कार्यक्षमता जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई। राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग के माध्यम से इन समस्याओं के समाधान के प्रयासों पर जोर दिया गया।
स्वच्छता अभियान तेज़ करने पर ज़ोर
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यमुना नदी के किनारे बसे क्षेत्रों में जन-जागरूकता अभियानों को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा। साथ ही स्थानीय निकायों को इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सिवरेज प्रबंधन, औद्योगिक कचरे की निगरानी और नदी में गिरने वाले प्रदूषण स्रोतों की रोकथाम पर भी विशेष बल दिया गया।
राष्ट्रीय प्राथमिकता है स्वच्छ यमुना
केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया कि यमुना की स्वच्छता सिर्फ एक राज्य विशेष का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित राज्यों को मिलकर प्रयास करने होंगे। केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय ने आश्वस्त किया कि इस बैठक में लिए गए निर्णयों को शीघ्र ही जमीन पर लागू किया जाएगा ताकि यमुना को फिर से एक निर्मल और अविरल धारा में बदला जा सके।